जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग में सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला, 4 जवान घायल, पोर्टर की मौत

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सेना की गाड़ी पर आतंकियों ने हमला किया है। हमले में 4 जवान घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में सेना के एक पोर्टर की भी मौत हो गई।

Shiwani Singh
Published on: 24 Oct 2024 9:05 PM IST
जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग में सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला, 4 जवान घायल, पोर्टर की मौत
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जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला हुआ है। आतंकी हमले में सेना के 4 जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं सेना के पोर्टर (कुली) के रूप में काम करने वाले एक नागरिक की आतंकी हमले में मौत हो गई है। https://twitter.com/ANI/status/1849462346923872559 बता दें कि सेना की गाड़ी एलओसी से पांच किलोमीटर दूर बोटपाथरी से आ रही थी। इसी दौरान गुलमर्ग में नागिन इलाके में 18 राष्ट्रीय राइफल की गाड़ी पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला कर दिया।

गांदरबल में आतंकियों ने 7 लोगों पर चलाई थी गोली

बीते रविवार की रात जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में आतंकियों ने हमला किया था।  हमले में एक डॉक्टर समेत 7 लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों में पांच लोग गैर-स्थानीय थे। जिसमें से  2 अधिकारी और 3 श्रमिक थे। इस दौरान 5 मजदूर घायल भी हुए थे। बता दें कि सभी मजदूर सुरंग प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। जिसे केंद्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा है।

वहां मौजू चश्मदीदों ने बताया किसुरंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहे मजदूर रविवार रात जब मेस में खाना खाने पहुंचे, तभी आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। किसी को कुछ समझ में आता इससे पहल ही आतंकी हमले को अंजाम देकर फरार हो गए।

शेख सज्जाद गुल हमले का मारस्टर माइंड

इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा, द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। जानकारी के मुताबिक टीआरएफ के प्रमुख शेख सज्जाद गुल इस हमले का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसी के निर्देश पर टीआरएफ के स्थानीय मॉड्यूल ने इस हमले को अंजाम दिया। जिसमें कश्मीरियों और गैर-कश्मीरियों दोनों को निशाना बनाया गया। ये भी पढ़ेंः लश्कर-ए-तैयबा की शाखा 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने ली जम्मू-कश्मीर के गांदरबल हमले की जिम्मेदारी बता दें कि टीआरएफ पिछले डेढ़ साल से कश्मीर में सक्रिय है। इस संगठन की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। टीआरएफ पहले कई कश्मीरी पंडितों की हत्या की थी। लेकिन इस बार इसने कश्मीरी पंडितों, सिखों और गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाया है।
Shiwani Singh

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