PAK सैनिकों को बंधक बनाकर कौन सी डील करना चाहती है बलोच आर्मी?

"पाकिस्तान में बलूच आर्मी ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर 182 सैनिकों को बंधक बना लिया! क्या BLA, पाकिस्तान से कोई बड़ी डील करवाने की कोशिश कर रहा है? जानें पूरी कहानी!"

Girijansh Gopalan
Published on: 12 March 2025 12:34 AM IST
PAK सैनिकों को बंधक बनाकर कौन सी डील करना चाहती है बलोच आर्मी?
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बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन एक बार फिर हिंसक हो गया है। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया और यात्रियों को छोड़कर 182 पाकिस्तानी सैनिकों, पुलिसकर्मियों और ISI अधिकारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद पाक सेना और आतंकियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। खबरों के मुताबिक, अब तक पाकिस्तान सेना के 20 जवान मारे जा चुके हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में तीन बलोच लड़ाके भी ढेर हुए हैं। पाक सेना अब एयर स्ट्राइक कर रही है, लेकिन BLA के हमले ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

BLA की बड़ी मांग – CPEC बंद करो!

इस पूरे हमले के पीछे बलोच लिबरेशन आर्मी की रणनीति क्या है? माना जा रहा है कि BLA इस हमले के जरिए पाकिस्तान से एक खास डील करना चाहता है। उनकी सबसे बड़ी मांग है - चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को बंद करना। CPEC को लेकर बलोच अलगाववादी गुटों में भारी गुस्सा है। बलोच लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ, बल्कि उनके संसाधनों पर चीन का कब्जा बढ़ता जा रहा है। ग्वादर बंदरगाह का विकास चीन के लिए हो रहा है, लेकिन स्थानीय मछुआरों की रोजी-रोटी छिन गई है। बलोच संगठनों का मानना है कि CPEC परियोजना सिर्फ पाकिस्तान और चीन की मिलीजुली साजिश है, जिसमें बलूचिस्तान को लूटा जा रहा है।

बलूचिस्तान में सेना से सीधी जंग क्यों?

बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बना हुआ है। ये प्रांत संसाधनों से भरपूर है, लेकिन स्थानीय लोग खुद को वंचित महसूस करते हैं। बलोच नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना बलूचों पर जुल्म ढा रही है, हजारों लोगों को जबरन गायब कर दिया गया है और उनकी आवाज दबाई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2011 से अब तक 10,078 लोगों को पाकिस्तान में जबरन गायब कर दिया गया, जिनमें से 2,752 लोग सिर्फ बलूचिस्तान से हैं। बलूच लोगों का कहना है कि ग्वादर में उन्हें घुसने तक की इजाजत नहीं है, जबकि विदेशी निवेशकों के लिए हर दरवाजा खुला है।

क्या पाकिस्तानी सरकार BLA से डील करेगी?

BLA ने सैनिकों को बंधक बनाकर पाकिस्तान सरकार को सीधी चुनौती दी है। अब सवाल ये है कि क्या पाकिस्तानी सेना कोई समझौता करेगी या बलूचिस्तान में सैन्य कार्रवाई और तेज होगी? अगर पाकिस्तान BLA की मांग मानता है, तो चीन के साथ उसके रिश्ते बिगड़ सकते हैं। चीन ने CPEC में अरबों डॉलर का निवेश किया है, और अगर ये प्रोजेक्ट रुकता है तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी झटका लग सकता है। लेकिन अगर पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई करता है, तो बलूच विद्रोह और तेज हो सकता है। ऐसे में बलूचिस्तान में संघर्ष और गहरा सकता है।

क्या बलूचिस्तान बनेगा पाकिस्तान का अगला 'बंगाल'?

1971 में जब बांग्लादेश ने पाकिस्तान से आजादी ली थी, तब भी हालात कुछ ऐसे ही थे। बलूचिस्तान में भी अब एक अलग देश की मांग तेज हो रही है। BLA और अन्य बलोच अलगाववादी संगठन पाकिस्तान से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान सरकार इस आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसा ही उसने 1971 में किया था, और उसका नतीजा सबके सामने है।

यूएन में भी उठा पाकिस्तान का मुद्दा

बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन की खबरें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के कई मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सेना द्वारा बलोच लोगों पर हो रहे अत्याचार की निंदा की है। फ्रांस की मशहूर समाचार एजेंसी Le Monde और UN की रिपोर्ट्स ने बलोच नागरिकों के जबरन अपहरण और हत्याओं को उजागर किया है। ये भी पढ़ें:जानें 'बलोच लिबरेशन आर्मी' के बारे में, जिसने पाकिस्तान की 'जाफर एक्सप्रेस' ट्रेन को किया हाईजैक
Girijansh Gopalan

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