सीरिया में अमेरिका का ईरान समर्थित मिलिशिया पर बड़ा हमला: 9 ठिकाने तबाह

अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमलों का बदला लेते हुए यूएस ने सीरिया में की कार्रवाई, ईरान समर्थित गुटों की क्षमता को कमजोर करने का दावा

Vyom Tiwari
Published on: 12 Nov 2024 1:06 PM IST
सीरिया में अमेरिका का ईरान समर्थित मिलिशिया पर बड़ा हमला: 9 ठिकाने तबाह
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अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यूएस सेना ने सीरिया में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाया है। यह हमला पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमलों के जवाब में किया गया है। यह जानकारी यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से दी गई है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों से क्षेत्र में ईरान समर्थित गुटों की क्षमता कमजोर हुई है। ये गुट अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ लगातार योजनाएं बनाते और हमले करते रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने यह नहीं बताया कि उन्होंने किन-किन जगहों पर हमला किया है।

सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और पिछले हमले

सीरिया में इस समय लगभग 900 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इनका मुख्य काम इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोगी बलों की मदद करना है। फरवरी में भी अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर बड़ा हमला किया था। यह हमला जॉर्डन में हुए एक ड्रोन हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। 7 अक्टूबर को इजरायल में हमास की ओर से किए गए बड़े हमले के बाद से हालात तनावपूर्ण हैं। इजरायल ने गाजा में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इसी बीच, हमास के साथ जुड़े ईरान समर्थित लड़ाकों ने इराक और सीरिया में अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए हैं।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव 

इस पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। रविवार को इजरायल ने लेबनान और उत्तरी गाजा में हमले किए, जिसमें बच्चों समेत कई लोगों की मौत हो गई। लेबनान में इजरायली हवाई हमले में 23 लोग मारे गए, जिनमें 7 बच्चे भी शामिल थे। यह हमला बेरूत के उत्तर में अलमत गांव में किया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में 6 लोग घायल भी हुए थे। अमेरिका और ईरान समर्थित गुटों के बीच टकराव के साथ-साथ इजरायल और हमास के बीच युद्ध भी जारी है। इससे पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता खतरे में है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की जरूरत है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके। यह भी पढ़े :

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