सिंगापुर में ऑनलाइन ठगी करने वालों को मिलेगी भयानक सजा, कोड़े मारने का प्रस्ताव!
सिंगापुर में ऑनलाइन ठगी करने वालों को कोड़े मारने की सजा पर विचार। जानिए कैसे बढ़ रहे हैं ऑनलाइन स्कैम के मामले।
सिंगापुर हर साल 10 से 12 लाख भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इन बढ़ते मामलों को देखते हुए सिंगापुर सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े अपराधों के लिए कोड़े मारने की सजा पर विचार किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
सिंगापुर में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रहे हैं। सिंगापुर पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में ठगी के मामलों में 1.1 बिलियन सिंगापुर डॉलर (लगभग 67 अरब रुपये) की राशि गंवाई गई। यह पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत ज्यादा है। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए सिंगापुर की मंत्री सन श्यूलिंग ने कहा कि सरकार कुछ विशेष प्रकार के स्कैम अपराधों के लिए कोड़े मारने की सजा पर विचार कर रही है।क्रिप्टोकरेंसी बन रहा है नया हथियार
ठग अब पीड़ितों से रकम को सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर करने की बजाय क्रिप्टोकरेंसी में बदलवाने की तरकीब अपना रहे हैं। इससे बैंकिंग सुरक्षा उपायों को चकमा देना आसान हो जाता है। मंत्री सन श्यूलिंग ने बताया कि 2024 में कुल स्कैम नुकसान का 25 प्रतिशत क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों में हुआ।
टेलीग्राम के जरिए हो रही धोखाधड़ी
ऑनलाइन धोखाधड़ी में मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम की भूमिका भी बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में टेलीग्राम के जरिए होने वाले स्कैम मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई। इस प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं को गुमनाम रहने की सुविधा मिलती है, जिससे अपराधियों को इसका फायदा मिलता है। मंत्री ने टेलीग्राम से मजबूत सत्यापन (verification) प्रणाली अपनाने का अनुरोध किया और कहा कि सरकार प्लेटफॉर्म को कड़े नियमों का पालन करवाने के लिए नए कानून लाने पर विचार कर रही है।जागरूकता बढ़ाने की कोशिश
सिंगापुर सरकार ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए पहले से ही कई कदम उठा रही है। साल 2020 में “ScamShield” ऐप लॉन्च किया गया था, जिससे उपयोगकर्ता संदिग्ध कॉल, वेबसाइट और मैसेज की पहचान कर सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्कैम हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है, जहां लोग ठगी के मामलों की रिपोर्ट कर सकते हैं। ये भी पढ़ें:पाकिस्तान के 'नापाक' मंसूबे! UP में स्लीपर सेल का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश, ATS ने आजमगढ़ से मेरठ तक मारा छापा Next Story


