Russia-Ukraine war: कीव से ओडेसा तक तबाही: यूक्रेन के शहरों में धमाकों की गूंज

यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना पर रूस का सबसे बड़ा हमला, कई शहरों में बिजली गुल, दो लोगों की मौत और कई घायल

Vyom Tiwari
Published on: 17 Nov 2024 7:05 PM IST
Russia-Ukraine war: कीव से ओडेसा तक तबाही: यूक्रेन के शहरों में धमाकों की गूंज
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Russia-Ukraine war: रूस ने रविवार को यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में रूस ने 90 ड्रोन और 120 मिसाइलें दागीं, जिनका निशाना यूक्रेन का ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने शाहेद ड्रोन के साथ-साथ क्रूज, बैलिस्टिक और हवाई मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी रक्षा बलों ने 140 से अधिक हवाई खतरों को मार गिराया।

व्यापक तबाही और जनहानि

इस हमले में यूक्रेन के कई शहरों में विस्फोट हुए, जिनमें राजधानी कीव, दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा और देश के पश्चिमी और मध्य भागों के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। मिकोलाइव शहर में ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। कीव में एक आवासीय इमारत में आग लग गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी DTEK ने बताया कि उसके थर्मल पावर प्लांट पर हमला हुआ है और उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा है। कंपनी के अनुसार यह इस साल उनके ऊर्जा संयंत्रों पर आठवां बड़ा हमला है। फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से DTEK के थर्मल पावर प्लांट पर 190 से अधिक बार हमले किए जा चुके हैं।

यूक्रेन के कई क्षेत्रों में बिजली गुल 

यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री हर्मन हलुशेंको ने बताया कि रूस ने पूरे यूक्रेन में बिजली उत्पादन और प्रसारण सुविधाओं को निशाना बनाया है। इस हमले के कारण कई क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती करनी पड़ी है। वोलिन और विन्नित्सिया क्षेत्रों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। पिछले दो वर्षों से रूस के लगातार हमलों ने यूक्रेन की बिजली उत्पादन क्षमता को आधा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस सर्दी में यूक्रेन में बिजली की कमी 6 गीगावाट तक पहुंच सकती है, जो अपेक्षित पीक मांग का लगभग एक-तिहाई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस हमले के जवाब में पोलैंड ने अपने वायु क्षेत्र की रक्षा के लिए लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। G7 देशों ने यूक्रेन को "जितना समय आवश्यक हो" समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। हालांकि, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने की संभावना से यूक्रेन को मिलने वाले पश्चिमी समर्थन पर सवाल उठ रहे हैं। यूक्रेन के अधिकारियों को डर है कि रूस सर्दियों के दौरान ऊर्जा ग्रिड पर हमले फिर से शुरू कर सकता है, जैसा उसने पिछले साल किया था। यूक्रेनी अधिकारी और ऊर्जा कंपनियां नए हमलों की आशंका में ऊर्जा सुविधाओं की मरम्मत और उनको मजबूत कर रही हैं।
Vyom Tiwari

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