इमैनुएल मैक्रों बने रहेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री बार्नियर का इस्तीफा, जल्द फ्रांस को मिलेंगे नए राष्ट्रपति

फ्रांस में प्रधानमंत्री बार्नियर ने दिया इस्तीफा, वहीं राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने कार्यकाल को पूरा करने का संकल्प लिया, बार्नियर ने बिना संसद से मंजूरी लिए बजट के कुछ कदम उठाने के लिए अपने विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया था

Vyom Tiwari
Published on: 6 Dec 2024 11:32 AM IST
इमैनुएल मैक्रों बने रहेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री बार्नियर का इस्तीफा, जल्द फ्रांस को मिलेंगे नए राष्ट्रपति
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फ्रांस में इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल चल रही, सरकार के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव आ रहें है। लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने स्थान पर पुरे अडिगता के साथ खड़े है उनका कहना है की वह अपने पांच साल के कार्यकाल को जारी रखेंगे और उसे पूर्ण करेंगे। बता दें, अभी हाल ही में अविश्वास प्रस्ताव के कारण प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन मैक्रों ने साफ कर दिया है कि वह अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को एलिसी पैलेस से देश को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी देश की स्थिरता बनाए रखना, संस्थानों को सुचारू रूप से चलाना और फ्रांस के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने इन मुद्दों को लेकर अपनी जिम्मेदारी पर जोर दिया। मैक्रों ने कहा "आखिरकार, आपने मुझे लोकतांत्रिक रूप से जो कार्यकाल सौंपा है, वह पांच साल का कार्यकाल है और मैं इसके खत्म होने तक इसका पूरी तरह से पालन करूंगा। मेरी जिम्मेदारी में राज्य की निरंतरता, हमारे संस्थानों का समुचित कामकाज, हमारे देश की स्वतंत्रता और आप सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।"

नए पीएम की जल्द होगी नियुक्ति 

मैक्रों ने अपने भाषण में ये विश्वास दिलाया की वह जल्द ही कुछ दिनों के अंदर एक नया प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, "मैं शुरू से ही आपके साथ, सामाजिक संकटों, कोविड-19 महामारी, युद्ध की वापसी, मुद्रास्फीति और इतने सारे परीक्षणों के माध्यम से यह कर रहा हूं, जो हमने साझा किए हैं।" उन्होंने आगे कहा "आज से, एक नया युग शुरू होना चाहिए, जहां सभी को फ्रांस के लिए काम करना चाहिए और जहां नए समझौते किए जाने चाहिए। क्योंकि दुनिया आगे बढ़ रही है, क्योंकि चुनौतियां बहुत हैं और क्योंकि हमें फ्रांस के लिए महत्वाकांक्षी होना चाहिए। हम विभाजन या निष्क्रियता बर्दाश्त नहीं कर सकते। यही कारण है कि मैं आने वाले दिनों में एक प्रधानमंत्री नियुक्त करूंगा। मैं उन्हें सभी राजनीतिक बलों का प्रतिनिधित्व करने वाली सामान्य हित की सरकार बनाने का काम सौंपूंगा, जो इसमें भाग ले सकते हैं या कम से कम इसे सेंसर नहीं करने का वचन देते हैं। प्रधानमंत्री को इन परामर्शों का नेतृत्व करना होगा और आपकी सेवा में एक सख्त सरकार बनानी होगी।"

बार्नियर की करी तारीफ 

मैक्रों ने फ्रांसीसी प्रधानमंत्री बार्नियर के बारे में बात करते हुए उनके "समर्पण और दृढ़ता" की सराहना की। मैक्रों ने कहा, " "प्रधानमंत्री ने मुझे अपना और अपनी सरकार का इस्तीफा सौंप दिया, और मैंने इसे स्वीकार कर लिया है। मैं देश के लिए किए गए काम, उनके समर्पण और उनकी दृढ़ता के लिए मिशेल बार्नियर का आभारी हूं। वो और उनके मंत्री उस समय आगे आए जब बहुत से अन्य लोग नहीं आए।" एक्स पर पोस्ट करते हुए मैक्रों ने लिखा, "मैं मिशेल बार्नियर को हमारे देश के लिए किए गए उनके काम, समर्पण और दृढ़ता के लिए उनको धन्यवाद देता हूं।"

बार्नियर सरकार गिरने का कारण 

फ्रांस की नेशनल असेंबली (फ्रांस की संसद) में 577 सीटें हैं, जिनमें से 331 सदस्यों ने प्रधानमंत्री बार्नियर की सरकार को हटाने के पक्ष में अपना वोट किया। इसके बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है और बजट घाटा भी बढ़ रहा है। बार्नियर ने बिना संसद से मंजूरी लिए बजट के कुछ कदम उठाने के लिए अपने विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद वामपंथी और दक्षिणपंथी दलों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया नतीजतन, उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। बार्नियर की सरकार छह दशकों में अविश्वास प्रस्ताव से गिरने वाली पहली सरकार बनी। 73 साल की उम्र में, बार्नियर प्रधानमंत्री के रूप में सिर्फ 91 दिन ही काम कर पाए। उनकी सरकार, जिसमें मध्यवर्गीय और दक्षिणपंथी मंत्री शामिल थे, कुल 74 दिन ही चली। अब सामाजिक सुरक्षा बजट बिल को भी खारिज कर दिया गया है।

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