कौन है ये दानिश? जिसके चक्कर में पड़कर यूट्यूबर ज्योति ने देश से की बेवफाई, हमले से पहले पहुंची थी पहलगाम!

हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, इफ्तार पार्टी और पहलगाम हमले से जुड़ी जांच जारी।

Rohit Agrawal
Published on: 18 May 2025 5:11 PM IST
कौन है ये दानिश? जिसके चक्कर में पड़कर यूट्यूबर ज्योति ने देश से की बेवफाई, हमले से पहले पहुंची थी पहलगाम!
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हरयाणा की मशहूर यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा आज जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन इसकी वजह उसके वायरल वीडियो नहीं, बल्कि पाकिस्तान के लिए की गई जासूसी है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जिस तरह से इसकेस को उजागर किया है, वह साबित करता है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां अब सोशल मीडिया स्टार्स को अपना हथियार बना रही हैं। ज्योति ने अपने यूट्यूब चैनल 'देसी-इंडो-जो' के जरिए लाखों फॉलोअर्स बनाए, लेकिन आज उस पर देश के साथ गद्दारी का आरोप है।

इफ़्तार पार्टी में हुई दानिश से मुलाकात

ज्योति मल्होत्रा का एक वीडियो पाकिस्तानी उच्चायोग में इफ्तार पार्टी में शामिल होते हुए सामने आया है। इस वीडियो में वह पाकिस्तानी अधिकारी दानिश से बात करती नजर आ रही है। दानिश, जिसका पूरा नाम अहसान-उर-रहीम है, पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात एक अधिकारी था। 2023 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने उसे देश छोड़ने का आदेश दिया था। लेकिन तब तक वह ज्योति को अपने जाल में फंसा चुका था।

कैसे हुई जासूसी की शुरुआत?

ज्योति पहली बार 2023 में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान गई थी। वहां उसकी मुलाकात दानिश से हुई। भारत लौटने के बाद भी वह दानिश के संपर्क में रही। धीरे-धीरे दानिश ने उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में ला दिया। ज्योति को एक बार फिर पाकिस्तान बुलाया गया, जहां उसकी मुलाकात अली अहसान नामक एक अन्य खुफिया एजेंट से हुई। अली अहसान ने ज्योति को पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के कई सदस्यों से मिलवाया।

क्या ज्योति ने आतंकी हमले की जानकारी दी थी?

ज्योति ने जनवरी 2023 में श्रीनगर और पहलगाम का दौरा किया था। इसके तीन महीने बाद पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसमें कई सैनिक शहीद हुए। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या ज्योति ने अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स को पहलगाम की संवेदनशील जानकारी दी थी। अगर यह साबित हो जाता है, तो ज्योति के खिलाफ और गंभीर आरोप लग सकते हैं।

फर्जी नामों से सेव थे पाकिस्तानी जासूसों के नंबर

पुलिस जांच में पता चला है कि ज्योति ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के नंबर अपने फोन में फर्जी नामों से सेव कर रखे थे। वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके उनसे संपर्क में रहती थी। उसने भारतीय सुरक्षा तंत्र, सैन्य ठिकानों और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों को दी।

क्या कहता है कानून?

ज्योति पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 121 (युद्ध छेड़ने का प्रयास), धारा 123 (गुप्त सूचना का प्रकटीकरण) और धारा 120B (षड्यंत्र) के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। इसके अलावा, उसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत भी गिरफ्तार किया जा सकता है। अगर उसके खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं, तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

सोशल मीडिया स्टार से देशद्रोही तक का सफर

ज्योति मल्होत्रा का मामला साबित करता है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपना निशाना बना रही हैं। वे इन्हें पैसे, शोहरत और विदेश यात्राओं का लालच देकर देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं। ज्योति ने शायद यह नहीं सोचा होगा कि उसका यह खेल उसे जेल तक ले जाएगा। अब देखना यह है कि जांच एजेंसियां इस मामले में और क्या खुलासे करती हैं और क्या ज्योति के नेटवर्क से कोई बड़ा षड्यंत्र सामने आता है।
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