अपनी लगाई आग में जल रहा बांग्लादेश, भरी संख्या में सड़कों पर उतरे छात्र

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छात्रों ने रातभर प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें पांच छात्र घायल हो गए।

Vyom Tiwari
Published on: 27 Jan 2025 10:07 AM IST
अपनी लगाई आग में जल रहा बांग्लादेश, भरी संख्या में सड़कों पर उतरे छात्र
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बांग्लादेश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। राजधानी ढाका में छात्रों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि रातभर हंगामा होता रहा। हालात संभालने में प्रशासन को काफी मुश्किल हुई, और आखिरकार बॉर्डर गार्ड फोर्स बुलानी पड़ी। ये विवाद ढाका यूनिवर्सिटी (डीयू) और इससे जुड़े सात सरकारी कॉलेजों के छात्रों के बीच शुरू हुआ। रात 11 बजे से झड़पें शुरू हुईं, जो देर रात तक चलती रहीं। इन झड़पों में कम से कम पांच लोग घायल हो गए। फिलहाल, वहां तनाव बना हुआ है। संबद्ध कॉलेजों के सैकड़ों छात्रों ने अपनी पांच मांगों को लेकर डीयू प्रशासन के खिलाफ साइंस लैब चौराहे पर करीब साढ़े चार घंटे तक धरना दिया। रविवार रात, साढ़े नौ बजे के करीब, प्रदर्शनकारी डीयू के प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर मामून अहमद के आवास की ओर बढ़े। इसके बाद, उन्होंने नीलखेत चौराहे पर "मुक्ति ओ गोनोटोंट्रो टोरोन" के सामने विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

साउंड ग्रेनेड से छात्रों को रोकने का प्रयास 

बांग्लादेश की मीडिया के अनुसार, हालात तब और खराब हो गए जब ढाका यूनिवर्सिटी (डीयू) के सैकड़ों छात्र अपने-अपने हॉल से बाहर निकलकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नीलखेत चौराहे से खदेड़ने लगे। इसके बाद संबद्ध कॉलेजों के छात्रों ने फिर से इकट्ठा होकर डीयू के छात्रों का पीछा किया। आधी रात को पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हस्तक्षेप किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। स्थिति को संभालने और शांति बनाए रखने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के जवानों की चार टुकड़ियां तैनात की गईं।

छात्रों की क्या हैं मांगें?

सत्र 2024-25 से सात कॉलेजों में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं:   •  अनुचित कोटा प्रणाली खत्म करना: अब प्रवेश प्रक्रिया में कोई भी अनुचित कोटा नहीं होगा, ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सके। •  सीट क्षमता का ध्यान रखना: प्रवेश केवल उतने ही छात्रों का होगा, जितनी कॉलेज की सीटें हैं। •  शिक्षक-छात्र अनुपात का ध्यान: छात्रों की संख्या तय करते समय शिक्षक-छात्र अनुपात को ध्यान में रखा जाएगा, ताकि पढ़ाई का स्तर बेहतर रहे। •  नेगेटिव मार्किंग लागू होगी: प्रवेश परीक्षा में गलत उत्तरों पर अंक काटे जाएंगे, जिससे योग्य छात्रों का चयन हो सके। •  पारदर्शिता सुनिश्चित करना: प्रवेश शुल्क डीयू से अलग एक विशेष अकाउंट में जमा किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

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