चीनी सरकार का अनोखा फैसला, कॉलेजों में मिलेगी अब ‘लव की डिग्री’; जाने क्या है पूरा मामला

love education in China चीन की गिरती जनसंख्या को रोखने की अनोखी पहल, अब चीन के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में सिखाया जायेगा प्यार करना।

Vyom Tiwari
Published on: 5 Dec 2024 11:12 AM IST
चीनी सरकार का अनोखा फैसला, कॉलेजों में मिलेगी अब ‘लव की डिग्री’; जाने क्या है पूरा मामला
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love education in China: इन दिनों दुनिया गिरती आबादी के संकट से जूझ रही चाहे वो साउथ कोरिया हो, रूस, चीन या कोई युरोपियन देश। इसी संकट से निपटने के लिए भारत के पड़ोसी देश चीन ने एक अनोखा तरीका अपनाया है।  दरअसल, चीन की सरकार ने अब कॉलेज में लव एजुकेशन शुरू की है। वहां पढ़ रहे युवा अब प्यार करना सीखेंगे, इसका स्लेबस छात्रों को रोमांटिक रिश्तों को बेहतर ढंग से समझने के लिए बनाया गया है। लव एजुकेशन शुरू करने का मुख्य उद्देश्य, रोमांटिक रिलेशनशिप, शादी और बच्चे पैदा करने पर सकारात्मक नजरिये को बढ़ावा देना है जिससे लोग ज्यादा से ज्यादा शादी कर बच्चे करें।

फ्रैटिलिटी रेट को बढ़ाने के लिए लिया फैसला 

चीनी मीडिया के अनुसार, देश में लगातार गिरती फर्टिलिटी रेट को बढ़ावा देने के लिए  सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लव एजुकेशन शुरू करने की जरुरत को दर्शाया है । जिससे कॉलेज के छात्र प्रजनन क्षमता में गिरावट को रोक सकें। नवंबर में चीन की राज्य परिषद ने स्थानीय सरकारों से उचित उम्र में बच्चे पैदा करने और शादी को बढ़ावा देकर जनसंख्या में गिरावट का मुकाबला करने का आग्रह किया था। बता दें, एक देश में स्थिर आबादी के लिए कम से कम 2.1 का फर्टिलिटी रेट चाहिए होता है जो की चीन में इससे काफी कम हो चुका है।
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लव मैरिज में नहीं दिखाते रूचि 

देश के कॉलेज के छात्रों में प्यार के रिश्तों को लेकर रुचि कम हो रही है। चाइना पॉपुलेशन न्यूज के द्वारा एक सर्वे के अनुसार, 57 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि उन्हें रोमांटिक रिश्तों में कोई इंटरेस्ट नहीं है। इसका मुख्य कारण छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई और रिश्तों के बीच संतुलन बनाने को मुश्किल बताया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रों-छात्राओं को रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव के बारे में सही और पूर्ण रूप से जानकारी नहीं मिल पाती, जिसके कारण उनके विचार स्पष्ट नहीं होते है ।
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चीन की बूढ़ी होती आबादी 

चीन में 2023 से लगातार दूसरे साल जनसंख्या में कमी दर्ज की गई है। चीन, जो अभी लगभग 1.4 अरब की आबादी के साथ दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है, जिसे अब जनसंख्या बूढ़ी होने की समस्या का सामना कर रहा है। जिसके कारण चीन का अधिकतर पैसा पेंशन और अन्य सरकारी खर्च में निकल जाता है, इस कारण वश उनकी अर्थव्यवस्था पर अधिक दवाब पढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि वे छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय जनसांख्यिकी, शादी के आधुनिक विचारों और परिवार नियोजन के महत्व के बारे में जागरूक करें उनको लव रिलेशन के प्रति ज्यादा से ज्यादा बताएं। इसका मुख्या कारण जनसंख्या में स्थिरता लाने और आने वाली चुनौतियों से निपटने की तैयारी करना है।

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