US ने बढ़ाया रूस-यूक्रेन संकट, जेलेंस्की को लंबी दूरी की मिसाइलों का ग्रीन सिग्नल

राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों से रूस के अंदर हमला करने की अनुमति दी, जिससे युद्ध और भी गहरा सकता है

Vyom Tiwari
Published on: 18 Nov 2024 7:38 AM IST
US ने बढ़ाया रूस-यूक्रेन संकट, जेलेंस्की को लंबी दूरी की मिसाइलों का ग्रीन सिग्नल
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Russia Ukraine war: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को रूस के अंदर तक हमला करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। बाइडन ने यूक्रेन को अमेरिकी लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करके रूस के अंदर सैन्य ठिकानों पर हमला करने की इजाजत दी है। यह पहली बार है जब अमेरिका ने यूक्रेन को अपने हथियारों से रूस के अंदर हमला करने की खुली छूट दी है।

बाइडन का बड़ा फैसला

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन को ATACMS (आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम) का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। ये मिसाइलें करीब 300 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती हैं। इससे पहले अमेरिका ने यूक्रेन को इन मिसाइलों का इस्तेमाल सिर्फ अपनी सीमा के अंदर करने की इजाजत दी थी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रूस ने उत्तर कोरिया के हजारों सैनिकों को युद्ध में शामिल किया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन की सीमा से लगे कुर्स्क क्षेत्र में करीब 10,000 उत्तर कोरियाई सैनिक तैनात किए हैं। माना जा रहा है कि बाइडन का यह फैसला इसी का जवाब है।

युद्ध में नया मोड़

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से युद्ध में नया मोड़ आ सकता है। यूक्रेन अब रूस के अंदर गहराई तक हमला कर सकेगा। इससे रूस के सैन्य ठिकानों, गोला-बारूद के डिपो और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया जा सकेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युद्ध और भड़क सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की लंबे समय से अमेरिका से ऐसी मंजूरी की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि रूस के अंदर हमला करने की क्षमता के बिना यूक्रेन अपने शहरों और बिजली ग्रिड पर रूसी हमलों को नहीं रोक सकता।

अमेरिकी सहायता का भविष्य अनिश्चित

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में सत्ता परिवर्तन होने वाला है। राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद यूक्रेन को अमेरिकी सहायता मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि वे युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बाइडन ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में यह फैसला इसलिए लिया है ताकि यूक्रेन की स्थिति मजबूत हो सके। हालांकि, यह देखना बाकी है कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिकी नीति में क्या बदलाव होते हैं। रूस ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ऐसा करता है तो वे इसे नाटो द्वारा युद्ध में सीधी भागीदारी मानेंगे। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में रूस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और युद्ध किस दिशा में मुड़ता है।
Vyom Tiwari

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