भारतीय रक्षा तंत्र में शामिल होगी 31 MQ-9B प्रिडेटर ड्रोन, अमेरिका से 32,000 करोड़ की डील डन

भारत ने अमेरिका के साथ जनरल एटॉमिक्स द्वारा निर्मित 31 MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन की खरीद के लिए 32,000 करोड़ रुपए की डील को फाइनल कर लिया है। यह सौदा भारतीय सशस्त्र बलों की निगरानी क्षमता को बढ़ाएगा।

Shiwani Singh
Published on: 15 Oct 2024 2:37 PM IST
भारतीय रक्षा तंत्र में शामिल होगी 31 MQ-9B प्रिडेटर ड्रोन, अमेरिका से 32,000 करोड़ की डील डन
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भारत सरकार ने जनरल एटॉमिक्स द्वारा निर्मित 31 MQ-9B प्रिडेटर ड्रोन की खरीद के लिए अमेरिका के साथ डील फाइनल कर दी है। 32,000 करोड़ रुपए की ये डील 31 अक्टूबर से पहले करनी जरूरी थी। अगर ऐसा न होता तो इसके लिए भारत को और भी इंतजार करना पड़ सकता था।

'क्वाड लीडर्स समिट' के दौरान ड्रोन पर हुई थी चर्चा

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डेलावेयर में आयोजित 'क्वाड लीडर्स समिट' के दौरान इन ड्रोनों की खरीद पर चर्चा की थी। दोनों देशों ने 31 प्रीडेटर ड्रोनों की खरीद के लिए 32,000 करोड़ रुपए के सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसमें भारत में रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) सुविधा की स्थापना भी शामिल है।

सेना की निगरानी क्षमता को बढा़एगा ये ड्रोन

यह सौदा भारतीय सशस्त्र बलों की निगरानी क्षमता को बढ़ाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते की कुल कीमत बढ़कर 34,500 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इस परियोजना पर पिछले सप्ताह  सुरक्षा कैबिनेट समिति (CCS) द्वारा मंजूरी दी गई थी। जिसके तहत 15 ड्रोन भारतीय नौसेना को दिए जाएंगे, जबकि बाकी वायु सेना और सेना के बीच समान रूप से विभाजित किए जाएंगे।

डील को 31 अक्टूबर से पहले मंजूरी देना था जरूरी

भारत कई वर्षों से इस सौदे पर अमेरिका के साथ चर्चा कर रहा था। लेकिन कुछ अड़चने आ रही थी। लेकिन कुछ सप्ताह पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में इन्हें दूर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक इस डील को 31 अक्टूबर से पहले मंजूरी देना आवश्यक था। क्योंकि अमेरिकी प्रस्ताव की वैधता केवल 31 अक्टूबर तक ही थी। अमेरिका ने फरवरी में भारतीय सेना को 31 MQ-9B ड्रोन बेचने की मंजूरी दी थी, जिसकी अनुमानित लागत $3.99 बिलियन है।

MQ-9B प्रीडेटर की खासियत

MQ-9B प्रीडेटर की खासियत इसकी बेहद शांत संचालन क्षमता है। जिससे यह अपने स्टील्थ फीचर के कारण बाकी ड्रोन से अलग है। यह ड्रोन ज़मीन से केवल 250 मीटर की दूरी पर उड़ सकता है और लक्ष्य को तब तक इसका पता भी नहीं चलता जब तक इसे देखा न जाए।

50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है

इस ड्रोन की अधिकतम गति 442 किमी/घंटा है। यह लगभग 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है, जो एक वाणिज्यिक विमान से भी अधिक है। इस ड्रोन की एक और महत्वपूर्ण विशेषता है कि इसे किसी भी मौसम में लंबी अवधि के मिशन पर भेजा जा सकता है। इसमें हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी फिट की जा सकती हैं।

ड्रोन बिना रुके 35 घंटे तक उड़ान भर सकता है

बता दें कि MQ-9B ड्रोन बिना रीफ्यूलिंग के 2,000 मील तक उड़ सकता है। ये 1,700 किलोग्राम तक का कार्गो ले जा सकता है, जिसमें चार मिसाइलें और लगभग 450 किलोग्राम बम शामिल हैं। निर्माता जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स का दावा है कि यह ड्रोन बिना रुके 35 घंटे तक उड़ान भर सकता है या लक्ष्य के ऊपर मंडरा सकता है।

ड्रोनों को यहां तैनात करेगा भारत!

जानकारी के मुताबिक भारत इन ड्रोन को चार संभावित स्थानों पर तैनात करेगा। जिनमें चेन्नई के पास INS राजाली, गुजरात के पोरबंदर, उत्तर प्रदेश के सरसावा और गोरखपुर शामिल हैं। ये भी पढ़ेंः भारत-अमेरिका के बीच हुआ मेगा ड्रोन डील, जानिए 'MQ-9B Drone' की खासियत?
Shiwani Singh

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