Railway Law: रेलवे का सख्त नियम, अगर की ये गलती तो जुर्माने के साथ होगी 1 साल की सज़ा

Railway Law: भारतीय रेल, जिसे देश की लाइफलाइन कहा जाता है, रोजाना करोड़ों यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन्स तक पहुंचाने का काम करती है।

Ritu Shaw
Published on: 4 April 2025 2:06 PM IST
Railway Law: रेलवे का सख्त नियम, अगर की ये गलती तो जुर्माने के साथ होगी 1 साल की सज़ा
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Railway Law: भारतीय रेल, जिसे देश की लाइफलाइन कहा जाता है, रोजाना करोड़ों यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन्स तक पहुंचाने का काम करती है। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए रेलवे ने कई कड़े नियम-कानून बनाए हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर यात्रियों को भारी जुर्माना तो भरना ही पड़ता है, साथ ही कुछ मामलों में जेल भी हो सकती है।

इमरजेंसी अलार्म चेन का गलत बनेगी मुसीबत

ट्रेन के हर कोच में एक इमरजेंसी अलार्म चेन लगी होती है, जिसका उद्देश्य केवल आपातकालीन परिस्थितियों में मदद मांगना होता है। लेकिन कुछ यात्री इसका गलत इस्तेमाल करते हैं, जो कि कानूनन अपराध है। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के अनुसार, बिना किसी उचित कारण के चेन पुलिंग करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। अगर कोई व्यक्ति बेवजह चेन खींचता है, तो उस पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और 1 साल तक की जेल भी हो सकती है। कुछ मामलों में दोनों सजाएं एक साथ भी दी जा सकती हैं।

किन स्थितियों में की जा सकती है चेन पुलिंग?

रेलवे ने यह स्पष्ट किया है कि चेन पुलिंग केवल उन्हीं हालातों में की जा सकती है, जब स्थिति वास्तव में आपातकालीन हो। उदाहरण के लिए:
  • चलती ट्रेन में आग लगने की स्थिति में
  • बुजुर्ग या बच्चों के ट्रेन में न चढ़ पाने पर
  • किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब हो जाने पर
  • यात्रा के दौरान चोरी या डकैती जैसी घटनाओं के समय
इन परिस्थितियों में चेन पुलिंग करना उचित माना जाता है और इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। लेकिन अगर किसी ने सिर्फ अपने निजी स्वार्थ या मस्ती के लिए चेन खींच दी, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों को जागरूक रहने की जरूरत

रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील कर रहा है कि वे सफर के दौरान नियमों का पालन करें और किसी भी परिस्थिति में इमरजेंसी अलार्म चेन का दुरुपयोग न करें। बेवजह की गई चेन पुलिंग न सिर्फ कानूनी अपराध है बल्कि इससे ट्रेन की समय-सारिणी पर भी असर पड़ता है और अन्य यात्रियों को भी असुविधा होती है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु, बंगाल और बिहार चुनावों पर भाजपा का फोकस, विधानसभा चुनावों के लिए अभी से तैयारी शुरु
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