आतंक के खिलाफ भारत का करारा प्रहार...बहरीन-कतर से UAE तक सब साथ !

Vivek Chaturvedi
Published on: 24 May 2025 4:38 PM IST
आतंक के खिलाफ भारत का करारा प्रहार...बहरीन-कतर से UAE तक सब साथ !
X

Indian Delegation UAE: भारत आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सांसदों का डेलीगेशन मित्र देशों में पहुंचा है और आतंकवाद को पनाह दे रहे पाकिस्तान को बेनकाब कर रहा है। (Indian Delegation UAE) आतंक के खिलाफ भारत की इस लड़ाई को अब मित्र देशों का भी साथ मिल रहा है। बहरीन, कतर से लेकर UAE तक सभी देशों ने आतंक के खिलाफ हर कदम में भारत का साथ देने का वादा किया है।

आतंक के खिलाफ GCC भारत के साथ

दुनियाभर में आतंक का पर्याय बने पाकिस्तान को अब भारत वैश्विक मंच पर बेनकाब कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर शुरु कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह करने के बाद अब भारत ने सर्वदलीय सांसदों का डेलिगेशन मित्र देशों में भेजा है। इस डेलिगेशन ने मित्र देशों को आतंक के खिलाफ भारत की रणनीति बताई। इसके साथ ही पाकिस्तान को भी बेनकाब किया। इन देशों ने भी आतंकवाद को साझा दुश्मन माना और भारत के रुख की सराहना की।
Indian Delegation UAE

UAE के रुख में भी आया बड़ा बदलाव

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर का कहना है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की UAE यात्रा सफल रही। डेलीगेशन की यात्रा के बाद आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबका साथ मिल रहा है। UAE हमारा रणनीतिक साझेदार है। सुधीर का कहना है कि अब आतंकवाद के खिलाफ बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के रुख में भी बदलाव आया है।

आतंक के खिलाफ UAE भारत के साथ

UAE में भारतीय राजदूत के मुताबिक 2008 में जब मुंबई पर आतंकी हमला हुआ। तब GCC देशों की प्रतिक्रिया काफी अलग थी। मगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद इन देशों की प्रतिक्रिया में बदलाव आया है। अब यह सभी देश आतंकवाद को साझा दुश्मन की तरह देख रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े हैं। भारत ने आतंक के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भी दुनिया को संदेश दिया कि धैर्य की भी सीमा होती है। यह भी पढ़ें: पाकिस्तान से रिहा होने के बाद अब घर पहुंचे BSF जवान पूर्णम शॉ, फूल बरसाकर ग्रामीणों ने किया स्वागत यह भी पढ़ें: बॉर्डर पर जख्म, दिल्ली में राजनीति! राहुल ने पुंछ में सहानुभूति जताई, पूछा- सुरक्षा सिर्फ भाषणों तक?
Vivek Chaturvedi

Vivek Chaturvedi

Next Story