अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला ने हिंदी में भेजा संदेश, बोले- नमस्कार फ्रॉम स्पेस...आप भी उठाएं इस यात्रा का आनंद
Astronaut Shubhanshu Shukla: भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station, ISS) की ओर बढ़ रहे हैं। एक्सिओम स्पेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा का रोमांचक अनुभव बताया है। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने अंतरिक्ष में अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए 'अंतरिक्ष से नमस्कार' कहा है। एक खिलौना हंस को लेकर शुभांशु ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हंस को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से हिंदी में भेजा संदेश अपने सफर के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कहा है, "सभी को नमस्कार, अंतरिक्ष से नमस्कार। मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ (Shubhanshu Shukla Message From Space in Hindi) यहां आकर रोमांचित हूं। यह कैसा सफर था, जब मैं लॉन्च पैड पर कैप्सूल में बैठा था, तो मेरे दिमाग में बस यही विचार था कि चलो बस चलते हैं। इस यात्रा में बहुत लोगों का योगदान है। अंतरिक्ष से हमने जो नजारा देखा है, उसे हम कभी भी नहीं भूल सकते हैं। इस यात्रा के दौरान हमें काफी कुछ सीखने को मिला है। हमें बस स्पेस स्टेशन पहुंचने का इंतजार है। हम सभी काफी रोमांचित हैं।"
बता दें कि, यात्रा में एक्सिओम-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला पायलट (Axiom-4 Mission Launch) के रूप में शामिल हैं। उनके साथ क्रू में कमांडर पेगी व्हिटसन (अमेरिका), स्लावोश उज्नांस्की-विश्निव्स्की (पोलैंड) और टिबोर कपु (हंगरी) शामिल हैं। शुभांशु ने अंतरिक्ष से पहला संदेश भेजा- नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों, क्या सवारी थी! 41 साल बाद हम फिर अंतरिक्ष में हैं। ये भी पढ़ें: SCO में राजनाथ सिंह का आतंकवाद पर तगड़ा वार, ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र सुन सिर झुकाए बैठे रहे PAK के रक्षा मंत्री ये भी पढ़ें: Shubhanshu Shukla: अंतरिक्ष के रास्ते से भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का पहला मैसेज, 'मेरे कंधे पर मेरा तिरंगा'शुभांशु शुक्ला ने बताया अभी तक का अनुभव भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा उनके लिए एक सपने जैसा अनुभव है। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने कहा, "लॉन्च के बाद जब मैंने पृथ्वी को नीचे से देखा, तो ऐसा लगा जैसे कोई चित्रकार ने नीला और हरा रंग मिलाकर एक कैनवास बनाया हो। माइक्रोग्रैविटी में तैरना मजेदार है, लेकिन शुरुआत में थोड़ा अजीब लगा। लॉन्च के 10 मिनट बाद जब ड्रैगन यान रॉकेट से अलग हुआ, तो मैंने खिड़की से सूरज की चमक और तारों को देखा। यह मेरे लिए बिल्कुल अविश्वसनीय था। मैंने अपने क्रू के साथ हंसी-मजाक किया और योग की कुछ मुद्राएं भी आजमाई।" शुभांशु के साथ क्रू में शामिल है ये अंतरिक्ष यात्री#WATCH | #AxiomMission4 का संचालन कर रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन सुभांशु ने अंतरिक्ष में अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "अंतरिक्ष से नमस्कार! मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहां आकर रोमांचित हूं।"
एक खिलौना हंस को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय… pic.twitter.com/JiChRCgrcQ — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 26, 2025
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