दुनिया में बना रहेगा भारत का दबदबा, IMF ने अपनी रिपोर्ट में जताया भरोसा, लेकिन उठाने होंगे ये कदम

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026 में भी भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

Vyom Tiwari
Published on: 2 March 2025 10:02 AM IST
दुनिया में बना रहेगा भारत का दबदबा, IMF ने अपनी रिपोर्ट में जताया भरोसा, लेकिन उठाने होंगे ये कदम
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भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर आई है! अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत पर भरोसा जताया है और कहा है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। IMF के अनुसार, उस साल भारत की GDP 6.5% तक पहुंच सकती है। हालांकि, संस्था ने यह भी बताया है कि अगर कुछ ज़रूरी कदम उठाए जाएं, तो इस लक्ष्य को हासिल करना और भी आसान हो सकता है।

भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5% रह सकती है

केंद्र सरकार ने 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के लिए GDP के आंकड़े जारी किए। इस बार देश की विकास दर 6.2% रही, जो अनुमान (6.3%) के करीब ही है। इससे पहले दूसरी तिमाही में संशोधित GDP ग्रोथ रेट 5.6% दर्ज की गई थी। पूरे वित्त वर्ष के लिए अनुमान है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5% रह सकती है।

IMF के हिसाब से भारत का रहेगा दबदबा 

India GDP Growth शुक्रवार को सरकार द्वारा जारी किए गए GDP ग्रोथ के आंकड़े राहत देने वाले रहे, जबकि IMF का अनुमान और भी उत्साहजनक है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कहना है कि भारत 2025-26 में 6.5% की अनुमानित GDP ग्रोथ के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। हालांकि, IMF ने यह भी कहा है कि भविष्य में तेज़ी बनाए रखने के लिए कुछ सुधार जरूरी होंगे। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए GDP वृद्धि दर भी 6.5% रहने का अनुमान जताया है।

भारत को करने होंगे ये सुधार

IMF की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को अपनी तेज़ आर्थिक ग्रोथ बनाए रखने के लिए निजी निवेश और विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा देना ज़रूरी है। इसके लिए सरकार को स्थिर नीतियां बनानी होंगी, व्यापार के नियम आसान करने होंगे और टैरिफ व अन्य शुल्कों में कटौती करनी होगी, ताकि भारत का वैश्विक व्यापार बढ़े। IMF का मानना है कि इन कदमों से दुनिया में चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी रहेगी। साथ ही, देश की आर्थिक और वित्तीय स्थिरता की वजह से लोगों की ख़रीदारी शक्ति (निजी खपत) भी तेज़ी से बढ़ेगी।

2047 में विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर 

India GDP Growth भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है, भले ही GDP ग्रोथ में हल्की गिरावट देखी गई हो। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में देश की अर्थव्यवस्था ने 6% की सालाना वृद्धि दर्ज की है। अच्छी खबर यह भी है कि महंगाई दर अब RBI के तय किए गए 2-6% के दायरे में आ चुकी है। IMF की नई रिपोर्ट भारत की आर्थिक ताकत को दिखाती है और यह बताती है कि देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार सुधार जरूरी हैं।

देश में बढ़ी प्रति व्यक्ति GDP

आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं, वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की नई रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार की बेहतर नीतियों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) जैसी योजनाओं का फायदा मिल रहा है। SBI की इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़कर 2.35 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले दो सालों में यह आंकड़ा 40,000 रुपये से ज्यादा बढ़ चुका है। इसके अलावा, SBI ने भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का अनुमान भी 6.4% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया है।

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