IAF अफसर की छलांग बनी आखिरी उड़ान, पैराशूट नहीं खुला, धोनी को दी थी स्काईडाइविंग ट्रेनिंग

Rajesh Singhal
Published on: 6 April 2025 4:28 PM IST
IAF अफसर की छलांग बनी आखिरी उड़ान, पैराशूट नहीं खुला, धोनी को दी थी स्काईडाइविंग ट्रेनिंग
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IAF Officer Death During Skydive: उत्तर प्रदेश के आगरा में भारतीय वायु सेना की आकाश स्काईडाइविंग टीम के एक पैरा जंप इंस्ट्रक्टर की दर्दनाक मौत हो गई। शनिवार को डेमो ड्रॉप के दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर से छलांग लगाई, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते पैराशूट समय पर नहीं खुल सका। इस वजह से वह सीधे जमीन पर गिर पड़े। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। दरअसल 41 वर्षीय वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी के साथ डेमो ड्रॉप के दौरान 9:30 बजे के करीब ये घटना घटी, जब उन्होंने हेलीकॉप्टर से छलांग लगाई और उनका पैराशूट नहीं खुलने की (IAF Officer Death During Skydive)वजह से वह सीधा जमीन पर गिर गए।  बताया जा रहा है कि उनका पैराशूट किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं खुला, जिस वजह से ये हादसा हो गया और फिर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।  उन्होंने सैन्य अस्पताल में आखिरी सांस ली।

रामकुमार तिवारी की बहादुरी को सलाम

इस मामले को लेकर असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर विनायक भोसले ने बताया कि उन्हें करीब 12 बजे अस्पताल से वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी की मौत की जानकारी मिली। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी के लिए इंडियन एयर फोर्स ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “IAF की आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम के एक पैरा जंप कोच की आज आगरा में डेमो ड्रॉप के दौरान लगी चोटों की वजह से मौत हो गई। वायुसेना इस क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करती है और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती है. दुख की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

सुरक्षा से समझौता हो सकता है प्राणघातक

इस घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी दुख जताया। उन्होंने इस घटना के साथ-साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट की मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, पहले गुजरात के जामनगर में एक फाइटर जेट के क्रैश होने से एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट की मौत और अब आगरा में पैराशूट न खुलने से एक एयरफोर्स अफसर की मौत की खबर बेहद दुखदायी है। सुरक्षा से समझौता प्राणघातक साबित होता है। इन मामलों में हर स्तर पर गुणवत्ता की गहन-गंभीर जांच हो, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं का दोहराव न हो, श्रद्धांजलि।

वारंट ऑफिसर रामकुमार ने एमएस धोनी को दी थी ट्रेनिंग

वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी की देशभक्ति और बहादुरी की मिसाल थी। उनके भाई श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि वह अक्सर कहते थे, "अगर सब घर बैठ जाएंगे, तो देश के लिए कौन लड़ेगा?" रामकुमार एनएसजी के कमांडो थे और पैराशूट जंप की ट्रेनिंग देते थे। उन्होंने क्रिकेटर एमएस धोनी को भी स्काईडाइविंग सिखाई थी। हाल ही में मॉरीशस से मेडल जीतकर लौटे थे और प्रधानमंत्री से सम्मान भी मिल चुका था। उनका बलिदान पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
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