Home Ministry Announcement CAA: गृह मंत्रालय ने भारत में लागू किया CAA, विवादित कानून लोकसभा चुनाव से पहले लागू

Bodhayan Sharma
Published on: 11 March 2024 7:49 PM IST
Home Ministry Announcement CAA: गृह मंत्रालय ने भारत में लागू किया CAA, विवादित कानून लोकसभा चुनाव से पहले लागू
X
Home Ministry Announcement CAA: दिल्ली। आज रात भारत सरकार ने सबसे बड़ा फैसला लिया है। भारत सरकार ने आज यानी सोमवार (Home Ministry Announcement CAA) रात देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) 2019 के नियम लागू कर दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीएए के नियम आज यानी सोमवार रात से लागू हो गए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर सीएए को देश में लागू कर दिया गया है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्र सरकार की ओर से यह बड़ा ऐलान है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून लागू हो चुका है। भारत के इतिहास में 370 के बाद यह भारत सरकार का सबसे बड़ा फैसला है। https://twitter.com/PIBHomeAffairs/status/1767173421727711374?ref_src=twsrc^tfw|twcamp^tweetembed|twterm^1767173421727711374|twgr^06fcd4f71a9e0b97c1423bf4330582855390c1c4|twcon^s1_&ref_url=https://www.gujaratfirst.com/read/national-read/caa-rules-implemented-in-india-home-ministry-issued-notification-vp/
गृह मंत्रालय ने CAA के नियमों को अधिसूचित किया
गौरतलब है कि जल्द ही लोकसभा चुनाव की तारीखों (Home Ministry Announcement CAA) का ऐलान होने वाला है। इसलिए गृह मंत्रालय ने आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले किसी भी समय सीएए नियमों को अधिसूचित किया है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से भारत में अल्पसंख्यकों के भारतीय नागरिकता आवेदनों को इन नियमों के तहत सुनिश्चित किया जाएगा।
जानिए क्या है CAA?
  • सीएए के लागू होने के बाद तीन पड़ोसी मुस्लिम बहुल देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से जो लोग दिसंबर 2014 तक किसी न किसी तरह का उत्पीड़न झेलकर भारत आए थे, उन्हें भारतीय नागरिकता मिल जाएगी।
  • सीएए बिल में गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक - हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं।
  • सीएए बिल (Home Ministry Announcement CAA) पहली बार 2016 में लोकसभा में पेश किया गया था।
  • इसे दिसंबर 2019 में लोकसभा में दोबारा पेश किया गया। इस बार यह बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पास हो गया. राष्ट्रपति की सहमति 10 जनवरी, 2020 को प्राप्त हुई।
  • पहले नागरिकता अधिनियम 1955 के मुताबिक इस देश के लोगों को 12 साल के बाद नागरिकता तभी मिल सकती थी, जब उनके पास जरूरी दस्तावेज हों।
यह भी पढ़े: AGNI-5 MISSILE: मिसाइल का सफल परीक्षण, पीएम मोदी ने की घोषणा और वैज्ञानिकों को दी बधाई...
Bodhayan Sharma

Bodhayan Sharma

Next Story