Manipur Violence: अमित शाह ने माना, मणिपुर हिंसा में हुई थी 250 मौतें

अमित शाह ने मणिपुर में हिंसा के बढ़ने का एक मुख्य कारण बताया, जो एक अदालती निर्णय से जुड़ा था। इस निर्णय में एक जाति को आरक्षण देने का प्रस्ताव था, जिसे उच्चतम न्यायालय ने अगले ही दिन रोक दिया।

Sunil Sharma
Published on: 4 April 2025 11:21 AM IST
Manipur Violence: अमित शाह ने माना, मणिपुर हिंसा में हुई थी 250 मौतें
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Manipur Violence: संसद में मणिपुर के ताजा हालात पर गृहमंत्री अमित शाह ने एक अहम बयान दिया, जो शुक्रवार तड़के तक जारी रहा। गृहमंत्री ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाले सांविधिक संकल्प पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। उनका बयान इस हिंसा के कारणों और सरकार की दिशा को लेकर था।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को लेकर गृहमंत्री ने पेश किया बिल

13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, और अब यह संकल्प दो महीने के भीतर संसद में पेश किया गया था। इस संकल्प को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में पेश किया और इसे ध्वनिमत से पारित कराया गया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी थी। शाह ने कहा, “मणिपुर में मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद राज्यपाल ने विधायकों से बात की और बहुमत ने कहा कि वे सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं, जिसके बाद राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा की गई और राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी।”

260 मौतों की स्वीकारोक्ति पर विपक्ष ने किया सवाल

गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में स्वीकार किया कि मणिपुर में जातीय हिंसा (Manipur Violence) के कारण 260 लोगों की जानें गईं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा के दौरान इससे ज्यादा मौतें हुईं। शाह ने सरकार की प्राथमिकता को मणिपुर में शांति स्थापित करने और वहाँ हालात को सुधारने के रूप में बताया। उनका कहना था कि मणिपुर में पिछले चार महीने से एक भी मौत नहीं हुई और केवल दो लोग घायल हुए हैं।

अमित शाह बोले, हम मणिपुर में शांति चाहते हैं

अमित शाह ने मणिपुर में हिंसा के बढ़ने का एक मुख्य कारण बताया, जो एक अदालती निर्णय से जुड़ा था। इस निर्णय में एक जाति को आरक्षण देने का प्रस्ताव था, जिसे उच्चतम न्यायालय ने अगले ही दिन रोक दिया। गृहमंत्री ने सरकार की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार मणिपुर में जल्द शांति चाहती है, और इसके लिए पुनर्वास कार्य भी चल रहे हैं। Manipur violence

विपक्षी नेता भड़के तो शाह ने की शांति की अपील

विपक्ष ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मणिपुर में हिंसा (Manipur Violence) के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य का दौरा करने का वक्त नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार मणिपुर में पूरी तरह विफल हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने भी इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर की स्थिति 22 महीने से खराब है और प्रधानमंत्री ने कभी भी वहाँ का दौरा नहीं किया। गृह मंत्री ने विपक्ष से मणिपुर के मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की। उनका कहना था कि अब समय है कि हम सभी मिलकर मणिपुर में शांति और सुरक्षा बहाल करें, न कि राजनीतिक लाभ के लिए स्थिति का इस्तेमाल करें।
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