जानिए रात का खाना खाने का सबसे अच्छा समय क्या है? ज्याद लेट डिनर करने से हो सकती हैं ये परेशानियां

आजकल गलत खानपान की आदतों के चलते कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हमारे भोजन में दो मुख्य बातें ध्यान देने योग्य हैं

Jyoti Patel
Published on: 20 April 2025 5:39 PM IST
जानिए रात का खाना खाने का सबसे अच्छा समय क्या है? ज्याद लेट डिनर करने से हो सकती हैं ये परेशानियां
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Dinner Time: आजकल गलत खानपान की आदतों के चलते कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हमारे भोजन में दो मुख्य बातें ध्यान देने योग्य हैं - हम क्या खाते हैं और हम कब खाते हैं।स्वास्थ्य के जानकार बताते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए हमें हमेशा ऐसी चीजें खानी चाहिए जो हमारे शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व दे सकें। भोजन कितना पौष्टिक है, यह तो मायने रखता ही है, साथ ही हम किस समय खाते हैं, इसका भी हमारी सेहत पर असर पड़ता है।
खाने-पीने के विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने और पाचन को ठीक रखने के लिए भोजन का एक निश्चित समय तय करना चाहिए और हर दिन उसी समय पर खाना खाना चाहिए। रात के खाने के मामले में तो और भी ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है। तो चलिए जानते हैं कि रात का खाना खाने का सही समय क्या है? और देर रात को भोजन करने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

लेट डिनर करने के नुकसान

हाल के अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग रात में देर से खाना खाते हैं, उनमें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएँ होने का खतरा ज़्यादा होता है, और इससे मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी तरह, एंडोक्राइन सोसाइटी के जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में छपे एक और अध्ययन के अनुसार, देर से भोजन करने से वज़न और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है।

देर रात का भोजन से वज़न बढ़ने की समस्या

पहले अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि किन कारणों से रात (Dinner Time)में देर से खाने पर मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। इस अध्ययन के मुख्य लेखक, प्रोफेसर फ्रैंक ए जे एल स्कीर का कहना है कि देर से खाना खाने वालों में लेप्टिन और ग्रेलिन जैसे भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोनों पर असर दिखाई दिया। देर रात को भोजन करने वालों में लेप्टिन हार्मोन का स्तर कम पाया गया, जो हमें पेट भरने का संकेत देता है। इसके अलावा, जो लोग रात 11 बजे के बाद खाना खाते हैं, उनमें कैलोरी जलाने की गति भी धीमी देखी गई, जिसकी वजह से वज़न बढ़ने का खतरा ज़्यादा हो जाता है। भोजन के समय में बदलाव हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी, जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं, को प्रभावित कर सकता है, और इसी कारण से इस तरह की समस्याएँ हो सकती हैं।
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