Ganesh Chaturthi Special: घर में आसानी से बनाइये हेल्थी मोदक, स्वाद और सेहत का कॉम्बिनेशन
Ganesh Chaturthi Special: भगवान गणेश का भव्य त्योहार गणेश चतुर्थी, मोदक के बिना अधूरा है। मोदक बप्पा का पसंदीदा माना जाने वाला एक मीठा व्यंजन है। पारंपरिक रूप से, मोदक नारियल और गुड़ से बनाए जाते हैं, चावल के आटे में लपेटे जाते हैं और पूरी तरह से भाप में पकाए जाते हैं। हालाँकि, बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के साथ, लोग अब मोदक के स्वास्थ्यवर्धक संस्करण चुन रहे हैं जो न केवल बप्पा को प्रसन्न करते हैं बल्कि आपकी सेहत का भी ख्याल रखते हैं।
इस गणेश चतुर्थी पर, आइए घर पर ही सेहतमंद मोदक बनाएँ—स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन मिश्रण। यहाँ बताया गया है कि आप गुड़, नारियल, सूखे मेवे और यहाँ तक कि बाजरे के आटे जैसी पौष्टिक सामग्री से इन्हें आसानी से कैसे बना सकते हैं।
सेहतमंद मोदक क्यों चुनें?
पारंपरिक मिठाइयों में अक्सर ज़्यादा चीनी और घी होता है, जिससे अतिरिक्त कैलोरी मिलती है। स्वास्थ्यवर्धक मोदक गुड़ या खजूर जैसे प्राकृतिक मीठे पदार्थों से बनाए जाते हैं, जो खनिजों से भरपूर होते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं। सूखे मेवे, बीज और साबुत अनाज मिलाने से ये प्रोटीन और फाइबर से भरपूर हो जाते हैं। तले हुए मोदकों की तुलना में उबले हुए मोदक हल्के और पचाने में आसान होते हैं। इस प्रकार, घर पर स्वास्थ्यवर्धक मोदक बनाने से यह सुनिश्चित होता है कि आप स्वास्थ्य से समझौता किए बिना त्योहारों की मिठास का आनंद ले सकें।
मोदक के स्वास्थ्यवर्धक विकल्प आजमाएँ
उबले हुए नारियल गुड़ मोदक (उकाड़ीचे मोदक)
सामग्री: चावल का आटा, कसा हुआ नारियल, गुड़, इलायची पाउडर, घी।
विधि:
नारियल और गुड़ को एक साथ पकाकर भरावन तैयार करें।
गरम पानी और घी से चावल के आटे का आटा गूंथ लें।
मोदक बनाएँ, उन्हें भरें और नरम होने तक भाप में पकाएँ।
स्वास्थ्य लाभ: कम फैट , आयरन और फाइबर से भरपूर।
सूखे मेवे और मेवे मोदक
सामग्री: बादाम, काजू, पिस्ता, खजूर, अंजीर, थोड़ा सा घी।
विधि:
सूखे मेवों को हल्का भून लें, खजूर/अंजीर के साथ मिलाकर चिपचिपा आटा गूंथ लें।
साँचे में मोदक का आकार दें।
स्वास्थ्य लाभ: प्रोटीन से भरपूर, ऊर्जा बढ़ाता है, बच्चों के लिए उपयुक्त।
रागी (नचनी) मोदक
सामग्री: रागी का आटा, गुड़, तिल, नारियल।
विधि:
रागी के आटे को पानी में पकाकर आटा गूंथ लें।
गुड़ और नारियल से भरावन तैयार करें।
आकार दें और भाप में पकाएँ।
स्वास्थ्य लाभ: कैल्शियम और फाइबर का उत्कृष्ट स्रोत, हड्डियों को मज़बूत बनाता है।
ओट्स और खजूर मोदक
सामग्री: रोल्ड ओट्स, खजूर, अखरोट, अलसी के बीज।
विधि:
ओट्स को सूखा भूनकर पाउडर बना लें।
खजूर के पेस्ट और मेवों के साथ मिलाएँ।
बिना चीनी मिलाए मोदक बनाएँ।
स्वास्थ्य लाभ: आहारीय फाइबर से भरपूर, पाचन में सहायक और ऊर्जा के स्तर को स्थिर रखता है।
चॉकलेट ड्राई फ्रूट मोदक (बच्चों का पसंदीदा)
सामग्री: डार्क चॉकलेट, सूखे मेवे, नारियल।
विधि:
डार्क चॉकलेट को पिघलाएँ, भुने हुए सूखे मेवों के साथ मिलाएँ।
मोदक के आकार में बनाएँ और फ्रिज में रख दें।
स्वास्थ्य लाभ: डार्क चॉकलेट मूड को बेहतर बनाती है और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करती है।
घर पर सेहतमंद मोदक बनाने के सुझाव
रिफाइंड चीनी की जगह गुड़, खजूर या शहद का इस्तेमाल करें।
कैलोरी कम करने के लिए तलने की बजाय भाप में पकाने को प्राथमिकता दें।
अतिरिक्त पोषण के लिए चिया बीज, अलसी या कद्दू के बीज डालें।
इन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखें; ये 2-3 दिन तक ताज़ा रहते हैं।
मोदक हमेशा श्रद्धापूर्वक बनाएँ, क्योंकि परिवार के भोग लगाने से पहले इन्हें सबसे पहले भगवान गणेश को अर्पित किया जाता है।
मोदक चढ़ाने का महत्व
हिंदू परंपरा में, मोदक केवल एक मिठाई ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। इसका गोल आकार संपूर्णता का प्रतीक है, और इसकी मीठी भराई भक्ति के आनंद का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश को मोदक चढ़ाने से बुद्धि, स्वास्थ्य और खुशी का आशीर्वाद मिलता है।
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