Gyanvapi Case Judge Diwakar: ज्ञानवापी मामले में फैसला सुनाने वाले जज को फोन पर मिल रही जान से मारने की धमकी...

Bodhayan Sharma
Published on: 25 April 2024 7:30 PM IST
Gyanvapi Case Judge Diwakar: ज्ञानवापी मामले में फैसला सुनाने वाले जज को फोन पर मिल रही जान से मारने की धमकी...
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Gyanvapi Case Judge Diwakar: वाराणसी, उत्तरप्रदेश। वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में फैसला सुनाने वाले जज की मुश्किलें बढ़ गयी हैं क्योंकि उन्हें अंजान नंबरों से जान से मारने की धमकी दी जा रही है। ये कॉल उनके पर्सनल मोबाइल नंबर पर आ रही है। इस संबंध में जज रवि दिवाकर ने बरेली पुलिस को पत्र लिख कर शिकायत दी है और जांच के  लिए कहा है।
अंतरराष्ट्रीय नंबर से मिल रही है धमकी
बरेली पुलिस को जानकारी देते हुए जज रवि दिवाकर ने पत्र लिखा जिसमें लिखा कि उनको अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। एसएसपी को पत्र लिख कर जानकारी देते हुए बताया कि पहला फोन 15 अप्रैल 2024 रात 9 बजे के करीब आया था। उस कॉल के बाद रवि दिवाकर ने किसी भी कॉल को नहीं उठाया। उस कॉल में भी जान से मरने की धमकी दी गयी थी। जानकारी के मुताबिक जज के स्टाफ से भी इस बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। जिसमें स्टाफ ने बताया कि एक बार पहले भी कुछ दिन पहले ही कॉल आया था।
जज ने की सुरक्षा की मांग
जज रवि दिवाकर ने अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आने के बाद बरेली के एसएसपी को पत्र लिख कर पूरे मामले की जानकारी दी और साथ ही सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की। अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आने के बाद से जज रवि दिवाकर चिंतित हैं। अभी उनकी सुरक्षा में 2 पुलिस सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। अभी उनकी सुरक्षा को बढ़ाया जा सकता है। पहले भी उन्हें एक बार वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी गयी थी।
पहले भी मिल चुकी धमकी और बड़ी बड़ी सुरक्षा भी
इससे पहले 2022 में भी जज रवि दिवाकर को धमकी मिली थी। जिसको लेकर उन्हें वाई कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गयी थी। हालांकि ये स्वतः ही दी गयी सुरक्षा थी, इसकी मांग नहीं की गयी थी। क्योंकि चर्चित मामले में फैसला सुनाने और अन्य कई मामलों में स्वतः संगयन लेने पर उनकी सुरक्षा बधाई गयी थी। जिसको बाद में घटा कर एक्स कैटेगरी में कर दिया गया था। अब उनकी सुरक्षा बढ़ाने और मामले की जांच में बरेली पुलिस अधिकारी लग गए हैं। ये भी पढ़ें : Rajasthan Loksabha Election Details: राजस्थान की 12 सीटों पर कम मतदान के बाद कैसी है राजनीति की तस्वीर…
Bodhayan Sharma

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