गुरुवार के दिन पीले कपड़े पहनने से दूर होती है नेगेटिविटी
हिंदू परंपरा में, सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी विशिष्ट ग्रह और देवता को समर्पित है। गुरुवार बृहस्पति ग्रह से जुड़ा दिन है ।
Guruwaar Ke upay: हिंदू परंपरा में, सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी विशिष्ट ग्रह और देवता को समर्पित होता है। गुरुवार बृहस्पति ग्रह से जुड़ा हुआ है और इसे ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मकता के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए एक शुभ दिन माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु या गुरु बृहस्पति की पूजा करने से बाधाओं को दूर करने और जीवन में सफलता पाने की मान्यता है। गुरुवार को किए जाने वाले कई उपायों में से एक सरल लेकिन शक्तिशाली उपाय है पीले कपड़े पहनना। पीले रंग को बृहस्पति का प्रतीकात्मक रंग माना जाता है और यह आध्यात्मिक शक्ति, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा से गहराई से जुड़ा हुआ है। आइए गुरुवार को पीले रंग के महत्व को समझें और नकारात्मकता को कम करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आप कौन से अन्य उपाय अपना सकते हैं।
गुरु मंत्र का जाप करें: गुरुवार की सुबह इस मंत्र का 108 बार जाप करें: "ओम बृं बृहस्पतये नमः" यह मंत्र बुद्धि, वाणी, निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाता है और ग्रह बाधाओं को दूर करता है। पीली वस्तुओं का दान करें: गुरुवार को दान का विशेष महत्व है। आप गरीबों या मंदिर के पुजारी को हल्दी, पीली दाल (चना), केला, पीला कपड़ा या मिठाई दान कर सकते हैं। केले के पेड़ की पूजा करें: कई घरों में गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा की जाती है। पेड़ पर जल, हल्दी और गुड़ चढ़ाएं और पारिवारिक शांति और संतान प्राप्ति के लिए 7 परिक्रमा करें।
गुरुवार को पीला रंग पहनना आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली क्यों है?
पीला रंग प्रकाश, स्पष्टता और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है। यह बृहस्पति ग्रह का रंग है, जो धन, शिक्षा, वैवाहिक सद्भाव और आध्यात्मिक विकास को नियंत्रित करता है। गुरुवार को पीले कपड़े पहनने से आपकी कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है, खासकर अगर ग्रह कमजोर या पीड़ित हो। यह नकारात्मकता, मानसिक तनाव और भ्रम को दूर करने में मदद करता है, जिससे आपका आभामंडल अधिक जीवंत और केंद्रित हो जाता है। आध्यात्मिक रूप से, पीला रंग पवित्रता, प्रचुरता और भक्ति का भी प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे धार्मिक अनुष्ठानों और ध्यान के लिए आदर्श बनाता है।गुरुवार को करने के लिए 5 शक्तिशाली उपाय
पीले कपड़े पहनें: अपने दिन की शुरुआत स्नान करके और साफ पीले कपड़े पहनकर करें। यह सौभाग्य, मन की शांति लाता है और आपके जीवन में बृहस्पति के प्रभाव को बढ़ाता है। भगवान विष्णु या बृहस्पति देव की पूजा करें: भगवान विष्णु या गुरु बृहस्पति को पीले फूल, हल्दी और केला चढ़ाएं। आध्यात्मिक सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए घी का दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करें।
गुरु मंत्र का जाप करें: गुरुवार की सुबह इस मंत्र का 108 बार जाप करें: "ओम बृं बृहस्पतये नमः" यह मंत्र बुद्धि, वाणी, निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाता है और ग्रह बाधाओं को दूर करता है। पीली वस्तुओं का दान करें: गुरुवार को दान का विशेष महत्व है। आप गरीबों या मंदिर के पुजारी को हल्दी, पीली दाल (चना), केला, पीला कपड़ा या मिठाई दान कर सकते हैं। केले के पेड़ की पूजा करें: कई घरों में गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा की जाती है। पेड़ पर जल, हल्दी और गुड़ चढ़ाएं और पारिवारिक शांति और संतान प्राप्ति के लिए 7 परिक्रमा करें। गुरुवार को किन चीजों से बचें
इस दिन बाल या नाखून न काटें। मांसाहारी भोजन और तामसिक चीजों से बचें। गुरुवार को पैसे उधार देने से बचें। सत्य बोलें और कठोर शब्दों से बचें, क्योंकि बृहस्पति धर्म का ग्रह है।गुरुवार के उपाय अपनाने के लाभ
सकारात्मकता और आध्यात्मिक उत्थान लाता है। कमजोर बृहस्पति के हानिकारक प्रभावों को कम करता है। वैवाहिक संबंधों और प्रजनन क्षमता में सुधार करता है। वित्तीय और शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। आंतरिक शांति और स्पष्टता को बढ़ाता है। यह भी पढ़ें: निर्जला एकादशी के दिन पूजा में भूलकर भी ना करें ये 5 गलतियां Next Story




