Guruwar Ke Upaay: गुरुवार के दिन क्यों केला दान करने का है विशेष महत्व, जानिए मान्यताएं

सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता से जुड़ा होता है और गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

Preeti Mishra
Published on: 12 Nov 2025 1:05 PM IST
Guruwar Ke Upaay: गुरुवार के दिन क्यों केला दान करने का है विशेष महत्व, जानिए मान्यताएं
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Guruwar Ke Upaay: सनातन धर्म में, सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता से जुड़ा होता है, और गुरुवार भगवान विष्णु और बृहस्पति देव (गुरु) की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन ज्ञान, धन और आध्यात्मिकता से जुड़ा है। भक्त इन देवताओं को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं, पीले वस्त्र पहनते हैं और पीले फल व मिठाइयाँ चढ़ाते हैं। सभी दानों में, गुरुवार को केले का दान विशेष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में समृद्धि, सुख और ईश्वरीय कृपा प्राप्त होती है। आइए इस पवित्र गुरुवार अनुष्ठान से जुड़े महत्व और मान्यताओं को समझें।

हिंदू मान्यताओं में गुरुवार का महत्व

गुरुवार या गुरुवार, ब्रह्मांड के पालनहार भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव को समर्पित है। हिंदू ज्योतिष के अनुसार, बृहस्पति (गुरु) ग्रह इस दिन का स्वामी है और ज्ञान, भाग्य और आध्यात्मिक विकास को प्रभावित करता है। ऐसा कहा जाता है कि गुरुवार को दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से कुंडली में बृहस्पति की स्थिति संतुलित रहती है, जिससे धन, शिक्षा, विवाह और करियर से जुड़ी बाधाएँ दूर होती हैं। हल्दी, पीले वस्त्र और केले जैसी पीली वस्तुओं का दान करने से बृहस्पति की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सफलता व आंतरिक शांति मिलती है।

Guruwar Ke Upaay:  गुरुवार के दिन क्यों केला दान करने का है विशेष महत्व, जानिए मान्यताएं

केले का दान क्यों पवित्र माना जाता है?

हिंदू धर्म में केले के पेड़ को पवित्र माना जाता है और यह पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है। ऐसा कहा जाता है कि केले के पौधे में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए गुरुवार को केले का दान करने से दोनों देवता एक साथ प्रसन्न होते हैं। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार, केले का फल सात्विक (शुद्ध) होता है और पूजा-अर्चना के दौरान भगवान विष्णु को अर्पित किया जाता है। केले का दान करना देवताओं को भोग लगाने के समान माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह कार्य पापों का नाश करता है, आर्थिक परेशानियों को दूर करता है और जीवन में दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करता है।

केले के दान के बारे में ज्योतिषीय मान्यताएँ

ज्योतिष में, बृहस्पति (गुरु ग्रह) ज्ञान, धन और आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति कमजोर या पीड़ित है, तो उसे निर्णयों में स्पष्टता की कमी, विवाह में देरी, आर्थिक अस्थिरता, शैक्षणिक प्रदर्शन में कमी और बुजुर्गों के साथ खराब संबंध आदि निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बृहस्पति को मजबूत करने के लिए, गुरुवार को दान-पुण्य करना चाहिए - विशेष रूप से ब्राह्मणों, संतों या ज़रूरतमंद लोगों को केले दान करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल बृहस्पति मजबूत होता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और भाग्य भी बढ़ता है।

गुरुवार को केले का दान कैसे करें?

सुबह जल्दी उठें, पवित्र स्नान करें और साफ़ पीले या सफ़ेद कपड़े पहनें। भगवान विष्णु या बृहस्पति देव की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएँ। पूजा के दौरान पीले फूल, हल्दी और केले चढ़ाएँ।

मंत्र का जाप करें:

“ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का 108 बार जाप करें। ब्राह्मणों या गरीबों को केले, पीली मिठाई या अन्य पीली वस्तुएँ दान करें। नमकीन भोजन का सेवन न करें और इस दिन को भक्ति और विनम्रता के साथ मनाएं।

Guruwar Ke Upaay:  गुरुवार के दिन क्यों केला दान करने का है विशेष महत्व, जानिए मान्यताएं

केले दान करने के आध्यात्मिक लाभ

समृद्धि और खुशियाँ लाता है: नियमित दान धन और स्थिरता को आकर्षित करने में मदद करता है। आर्थिक और करियर संबंधी बाधाओं को दूर करता है: बृहस्पति के प्रभाव को बढ़ाता है। रिश्तों को बेहतर बनाता है: खासकर जीवनसाथी और परिवार के सदस्यों के बीच। आध्यात्मिक विकास को बढ़ाता है: आंतरिक शांति और दिव्य संबंध को बढ़ावा देता है। मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक: सच्चे मन से किया गया दान भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की दिव्य कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कराता है।

इस मान्यता के पीछे की धार्मिक कथा

एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार एक गरीब ब्राह्मण ने बृहस्पति देव से अपने कष्टों से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना की। भगवान ने उसे हर गुरुवार केले दान करने और पीले प्रसाद से भगवान विष्णु की पूजा करने की सलाह दी। ब्राह्मण ने इस अनुष्ठान का निष्ठापूर्वक पालन किया और कुछ ही हफ्तों में उसकी समस्याएँ दूर हो गईं और उसे धन और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। तब से, भक्तों का मानना ​​है कि गुरुवार को केले का दान जीवन के भाग्य को बेहतर बनाने और कर्म संबंधी बाधाओं को दूर करने के सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। यह भी पढ़ें: Vrischik Sankranti 2025: 16 नवंबर को वृश्चिक संक्रांति, इन पांच चीज़ों का जरूर करें दान
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Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

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