Guillain-Barre Syndrome: पुणे में बढ़ रहा है गुइलेन बैरी सिंड्रोम का खतरा, जानें इस ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नसों पर हमला करता है।

Preeti Mishra
Published on: 25 Jan 2025 10:56 AM IST
Guillain-Barre Syndrome: पुणे में बढ़ रहा है गुइलेन बैरी सिंड्रोम का खतरा, जानें इस ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में
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Guillain-Barre Syndrome: पुणे में एक नर्व डिसऑर्डर वाली ऑटोइम्यून बीमारी गुइलेन बैरी सिंड्रोम से अबतक 67 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। इन सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बीमार होने वालों में 43 पुरुष और 24 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 13 मरीज अभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। रैपिड रिस्पांस टीम फिलहाल इस संक्रमण (Guillain-Barre Syndrome) के अचानक बढ़ने की जांच कर रही है।

क्या है गुइलेन बैरी सिंड्रोम?

गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार (Guillain-Barre Syndrome) है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम नसों पर हमला करते हैं। यह अचानक सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनता है। यह अक्सर पैरों में कमजोरी या झुनझुनी से शुरू होता है, जो ऊपरी शरीर तक फैल सकता है, जिससे संभावित रूप से पैरालिसिस हो सकता है। यह आमतौर पर श्वसन या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों (What is Guillain-Barre Syndrome) जैसे संक्रमणों और दुर्लभ मामलों में टीकाकरण से उत्पन्न होता है।
Guillain-Barre Syndrome: पुणे में बढ़ रहा है गुइलेन बैरी सिंड्रोम का खतरा, जानें इस ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में
हालांकि इसके होने का सटीक कारण अज्ञात है। अधिकांश मरीज़ चिकित्सा उपचार से पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ को ठीक होने में हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है। गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barre Syndrome) में मांसपेशियों की कमजोरी पैरालिसिस में भी बदल सकती है।

गुइलेन-बैरी सिंड्रोम के लक्षण

पैरों और टांगों में कमजोरी और झुनझुनी गुइलेन-बैरी सिंड्रोम के पहले लक्षण (Guillain-Barre Syndrome Symptoms) हैं। यह अनुभूति फिर शरीर के ऊपरी हिस्से और भुजाओं तक फैल जाती है। अन्य लक्षणों में शामिल हैं:
अस्थिर चलना
सीढ़ियाँ चढ़ने में कठिनाई होना दोहरी दृष्टि तीव्र हृदय गति गंभीर ऐंठन उंगलियों, पैर की उंगलियों, टखनों और कलाइयों में पिन और सुइयों का अहसास कम रक्तचाप

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गुइलेन-बैरी सिंड्रोम के कारण

गुइलेन-बैरी सिंड्रोम का सटीक कारण (Guillain-Barre Syndrome Causes) अभी भी अज्ञात है। इसके लक्षण आमतौर पर श्वसन या पाचन तंत्र के संक्रमण के बाद प्रमुख हो जाते हैं। हालाँकि, बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण, हाल ही में टीकाकरण, सर्जरी और न्यूरोपैथी सहित कुछ कारक गुइलेन-बैरी सिंड्रोम को ट्रिगर कर सकते हैं।

गुइलेन-बैरी सिंड्रोम की जटिलताएँ

नसें आपकी गतिविधियों और शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करती हैं और गुइलेन-बैरी सिंड्रोम (Guillain-Barre Syndrome Side Effects)आपकी नसों को प्रभावित करता है। इसलिए, गुइलेन-बैरी सिंड्रोम वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी, दिल से संबंधित समस्याएं, दर्द, रक्त के थक्के और खराब आंत्र या मूत्राशय फंक्शन में दिक्कत का अनुभव हो सकता है। गुइलेन-बैरी सिंड्रोम वाले कुछ प्रतिशत लोगों में दोबारा बीमारी की पुनरावृत्ति होती है।

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गुइलेन-बैरी सिंड्रोम का इलाज

गुइलेन-बैरी सिंड्रोम संभावित रूप से जीवन के लिए खतरा है और इस स्थिति का कोई ज्ञात इलाज (Guillain-Barre Syndrome Treatment) नहीं है। रोग की पहचान के बाद, रोगियों को तत्काल उपचार और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता होती है। सांस लेने में कठिनाई वाले मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता होती है। रोग की स्वप्रतिरक्षी प्रकृति को देखते हुए, इसके तीव्र चरण का इलाज आमतौर पर इम्यूनोथेरेपी, जैसे प्लाज्मा एक्सचेंज, से किया जाता है। यह भी पढ़ें: Republic Day 2025 Wishes: इस गणतंत्र दिवस अपनों को दें अलग अंदाज में शुभकामना, देखें मैसेज और कोट्स
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Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

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