ग्रीन कॉफी की मदद से क्रिकेटर सरफराज खान ने घटाया 17 किलो वजन, जानिये क्या है यह ड्रिंक

बताया जा रहा है कि खाने-पीने पर कंट्रोल के अलावा ग्रीन कॉफ़ी ने उनका वजन कम करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

Preeti Mishra
Published on: 1 Aug 2025 2:46 PM IST
ग्रीन कॉफी की मदद से क्रिकेटर सरफराज खान ने घटाया 17 किलो वजन, जानिये क्या है यह ड्रिंक
X
Green Coffee Benefits: क्रिकेटर सरफ़राज़ खान आजकल चर्चे में हैं। ये चर्चा उनकी क्रिकेट से सम्बंधित किसी उपलब्धि के लिए नहीं बल्कि उनके वजन घटाने के कारण हो रही है। क्रिकेटर सरफराज खान ने महज दो महीने में अपना 17 किलो वजन कम (Green Coffee Benefits) किया है। सरफराज खान ने बीते हफ्ते इंस्टाग्राम पर अपने वज़न घटाने के सफ़र की जानकारी साझा की। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उन्होंने सिर्फ़ दो महीनों में 17 किलो वज़न कम किया है, और 27 वर्षीय सरफराज ने खुद एक तस्वीर शेयर की जिसमें बताया गया था कि उन्होंने अपना वज़न कम कर लिया है। बताया जा रहा है कि खाने-पीने पर कंट्रोल के अलावा ग्रीन कॉफ़ी ने उनका वजन कम करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। तो आइये जानते हैं क्या है ग्रीन कॉफ़ी (Green Coffee Benefits) और कैसे इसे आप अपने डाइट में शामिल कर अपने को चुस्त दुरुस्त रख सकते हैं।

क्या है ग्रीन कॉफ़ी?

ग्रीन कॉफ़ी बिना भुनी हुई कॉफ़ी बीन्स को कहते हैं जो अपना प्राकृतिक हरा रंग बरकरार रखती हैं। सामान्य भुनी हुई कॉफ़ी के विपरीत, ग्रीन कॉफ़ी बीन्स क्लोरोजेनिक एसिड से भरपूर होती हैं, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और माना जाता है कि यह वज़न घटाने में मदद, बेहतर मेटाबॉलिज़्म और कम बीपी जैसे स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। चूँकि भूनने की प्रक्रिया में क्लोरोजेनिक एसिड का अधिकांश भाग नष्ट हो जाता है, इसलिए ग्रीन कॉफ़ी में ये यौगिक ज़्यादा मात्रा में बने रहते हैं। पारंपरिक कॉफ़ी की तुलना में इसका स्वाद हल्का और हर्बल होता है और इसे अक्सर सप्लीमेंट के रूप में या हेल्थी ड्रिंक के रूप में पीया जाता है। हाल के वर्षों में ग्रीन कॉफ़ी ने एक नेचुरल हेल्थी ड्रिंक के रूप में काफी लोकप्रियता हासिल की है।

Green Coffee Benefits: ग्रीन कॉफी की मदद से क्रिकेटर सरफराज खान ने घटाया 17 किलो वजन

ग्रीन कॉफ़ी कैसे करती है वजन कम?

ग्रीन कॉफ़ी मुख्य रूप से क्लोरोजेनिक एसिड की उपस्थिति के कारण वज़न घटाने में सहायक होती है, जो बिना भुनी कॉफ़ी बीन्स में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है। ऐसा माना जाता है कि यह कंपाउंड बॉडी में ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करने के तरीके को प्रभावित करता है। क्लोरोजेनिक एसिड पाचन तंत्र में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव और इंसुलिन के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, ग्रीन कॉफ़ी बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) को बढ़ाती है, जिससे शरीर आराम करते समय भी अधिक फैट जलाने के लिए प्रेरित होता है। यह लिवर को फैट जलाने की क्रिया को बढ़ाने के लिए उत्तेजित करती है और ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करके फैट भंडारण को कम करती है। कुछ अध्ययनों से यह भी पता चला है कि क्लोरोजेनिक एसिड शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण के तरीके को बदलकर फैट संचय को रोक सकता है। इसके अलावा, ग्रीन कॉफ़ी से भूख भी कम लगती है, जो टोटल कैलोरी सेवन को कम कर सकती है। यह कैफीन की एक मामूली खुराक भी प्रदान करती है, जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ा सकती है और शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा दे सकती है - जो वज़न घटाने का एक और प्रमुख घटक है। हालांकि ग्रीन कॉफ़ी अकेले कोई चमत्कारी समाधान नहीं है, लेकिन बैलेंस्ड डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज के साथ, यह स्वस्थ वेट मैनेजमेंट में सहायक हो सकती है। कोई भी नया सप्लीमेंट शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

Green Coffee Benefits: ग्रीन कॉफी की मदद से क्रिकेटर सरफराज खान ने घटाया 17 किलो वजन

वजन घटाने के अलावा ग्रीन कॉफ़ी के अन्य फायदे

वज़न घटाने में मदद के अलावा, ग्रीन कॉफ़ी कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है। क्लोरोजेनिक एसिड की इसकी हाई क्वांटिटी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करती है जो मुक्त कणों से होने वाले नुकसान को कम करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करती है। यह ब्लड वेसल्स के कार्य को बढ़ाकर ब्लड प्रेशर को कम करने और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में भी मदद कर सकती है। इसके अलावा, ग्रीन कॉफ़ी ब्लड शुगर के रेगुलेशन में सहायता कर सकती है, जिससे यह प्रीडायबिटीज़ या टाइप 2 डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए संभावित रूप से फायदेमंद हो सकती है। इसके अतिरिक्त, इसमें मौजूद हल्का कैफीन नियमित कॉफ़ी के बेचैनी भरे प्रभावों के बिना मानसिक सतर्कता और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है। ग्रीन कॉफ़ी लिवर डिटॉक्सिफिकेशन में भी मदद करती है और त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है। यह भी पढ़ें: Fruits to Avoid: खांसी-जुकाम में भूलकर भी ना खाएं ये पांच फल, होगी जल्दी रिकवरी
Preeti Mishra

Preeti Mishra

Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

Next Story