AC Temperature Rule: AC के तापमान पर सरकार का नया नियम, 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा नहीं कर पाएंगे सेट
AC Temperature Rule: देश के कई राज्यों में इन दिनों झुलसा देने वाली गर्मी और लू से लोगों के हाल बेहाल हैं। चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग AC और कूलर का सहारा ले रहे हैं। भीषण गर्मी और लू के बीच आपके एयर कंडीशनर यानी AC पर बहुत जल्द टेंपरेचर की लिमिट लगने वाली है। केंद्र सरकार AC के तापमान को लेकर नया नियम लाने जा रही है। इसके बाद AC को 20 डिग्री से कम में या 28 डिग्री से ज्यादा में सेट नहीं किया जा सकते हैं। आखिर एसी के तापमान को लेकर सरकार नया फरमान जारी क्यों करने जा रही है आइए विस्तार से जानते हैं। AC के टेंपरेचर पर नया नियम केंद्रीय ऊर्जा और आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार (10 जून) को AC पर बहुत टेंपरेचर की लिमिट को लेकर जानकारी दी। नया नियम आवासीय, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और गाड़ियों में लगने वाले एसी पर लागू (AC Temperature Rule) होगा यानी घर, ऑफिस और गाड़ी में 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा में सेट नहीं कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कदम ऊर्जा संरक्षण, बिजली खपत में कमी और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।
AC Temperature Rule[/caption] केंद्रीय मंत्री ने इन देशों का दिया उदाहरण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर (Union Power Minister Manohar Lal Khattar) ने मोदी सरकार के 2047 के विजन को रेखांकित करते हुए कहा, "सरकार पूरे देश में एक नई व्यवस्था लाने जा रही है, जिसके तहत सभी AC के तापमान को 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे और 28 डिग्री से ऊपर नहीं ले जाया जा सकेगा। यह व्यवस्था ठंडा करने और गर्म करने दोनों परिस्थितियों में काम करेगी। एयर कंडीशनर के तापमान को मानकीकृत (Standardized) करने का प्रावधान किया जा रहा है। इसे बहुत जल्द लागू किया जाएगा। ऐसे बहुत से देश हैं, जहां यह व्यवस्था लागू है। जापान में भी 26 डिग्री लिमिट है। वहीं, इटली में 23 डिग्री लिमिट किया हुआ है।"
क्या है नए नियम की वजह? बताया जा रहा है कि नए नियमों का पहला मकसद ज्यादा बिजली खपत को कम करना है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है, "यह फैसला ऊर्जा संरक्षण, बिजली की खपत को कम करने और पर्यावरण के बैलेंस को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।" जानकारों का कहना है कि जितने कम में AC चलाया जाता है, बिजली की खपत उतनी ही अधिक होती है। इसके अलावा, इससे जलवायु परिवर्तन (Climate change) के खिलाफ लड़ाई में भी मदद मिलेगी। [caption id="attachment_92123" align="alignnone" width="1200"]ऊर्जा बचत की दिशा में Temperature standardization का एक नया प्रयोग किया जा रहा है। जिसके तहत AC का temperature न्यूनतम 20 डिग्री और अधिकतम 28 डिग्री तक सीमित रहेगा। pic.twitter.com/K7eIIYzs5S
— Manohar Lal (@mlkhattar) June 10, 2025
AC Temperature Rule[/caption] केंद्रीय मंत्री ने इन देशों का दिया उदाहरण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर (Union Power Minister Manohar Lal Khattar) ने मोदी सरकार के 2047 के विजन को रेखांकित करते हुए कहा, "सरकार पूरे देश में एक नई व्यवस्था लाने जा रही है, जिसके तहत सभी AC के तापमान को 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे और 28 डिग्री से ऊपर नहीं ले जाया जा सकेगा। यह व्यवस्था ठंडा करने और गर्म करने दोनों परिस्थितियों में काम करेगी। एयर कंडीशनर के तापमान को मानकीकृत (Standardized) करने का प्रावधान किया जा रहा है। इसे बहुत जल्द लागू किया जाएगा। ऐसे बहुत से देश हैं, जहां यह व्यवस्था लागू है। जापान में भी 26 डिग्री लिमिट है। वहीं, इटली में 23 डिग्री लिमिट किया हुआ है।" कई देशों में AC टेंपरेचर लिमिट लागू केंद्र सरकार AC के टेंपरेचर को मानकीकृत (Standardized) करने की तैयारी कर रही है। इस नियम के मुताबिक AC का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम और 28 डिग्री से ज्यादा नहीं होगा। यानी ठंडक के लिए 20 डिग्री से कम और गर्मी के लिए 28 डिग्री से ज्यादा नहीं कर सकेंगे। बता दें कि भारत ऐसा करने वाला इकलौता देश नहीं है, बल्कि दुनियाभर में AC टेंपरेचर को लेकर अलग-अलग मानक हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जापान में 26 डिग्री स्टैंडर्डाइजेशन और इटली में 23 डिग्री में है। उन्होंने कहा कि जिन देशों को बहुत फॉर्वर्ड माना जाता है, वहां ये स्टैंडर्ड है। AC टेंपरेचर स्टैंडर्डाइजेशन करने का मकसद ऊर्जा संरक्षण, बिजली खपत में कमी और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखना है ये भी पढ़ें: Train Ticket: भारतीय रेलवे की बड़ी तैयारी, अब 4 नहीं... 24 घंटे पहले चलेगा आपका टिकट कंफर्म हुआ या नहीं? ये भी पढ़ें: मिथुन संक्रांति समृद्धि का है पर्व, जानें इसके पीछे की मान्यताएंवर्ष 2013-14 में जहां भारत बिजली आयात करता था, वहीं 2023-24 में भारत बिजली का निर्यात करने वाला देश बन गया है। #11YearsOfSeva pic.twitter.com/FXxVq9B8Zj
— Manohar Lal (@mlkhattar) June 10, 2025
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