उत्तराखंड से यूपी तक, 7 राज्यों से गुजरती यमुना, जानें कहां-कहां खिला है कमल?

यमुनाजी से गुजरने वाले 7 राज्यों में से 6 में बीजेपी की सरकार, जानिए कहां-कहां बीजेपी का कमल खिला। यमुनाजी का सियासी प्रभाव और बीजेपी की बढ़ती ताकत पर एक नजर।

Girijansh Gopalan
Published on: 13 Feb 2025 5:58 AM IST
उत्तराखंड से यूपी तक, 7 राज्यों से गुजरती यमुना, जानें कहां-कहां खिला है कमल?
X
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद, यमुनाजी के किनारे भगवा पार्टी का सियासी दबदबा बढ़ गया है। दरअसल, यमुनाजी के किनारे जहां-जहां बीजेपी की सरकारें बनीं, वहां-वहां पार्टी का कमल खिलता गया है। खास बात ये है कि यमुनाजी से गुजरने वाले 7 राज्यों में से 6 में बीजेपी की सरकार है, और वो भी अकेले अपनी ताकत से।

7 राज्यों से होकर गुजरती है यमुना

यमुनाजी उत्तराखंड के यमुनोत्री से निकलकर यूपी के प्रयागराज में गंगा से मिलती है। इस नदी की कुल लंबाई करीब 1300 किलोमीटर है और यह सात राज्यों में अपना असर छोड़ती है। इन राज्यों में उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के हिस्से आते हैं। हिंदू धर्म में यमुनाजी को बहुत पवित्र माना जाता है और इसे मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी माना जाता है। स्कंद पुराण में यमुनाजी का जिक्र है और इसे शुद्धता और पवित्रता की प्रतीक माना गया है।

जानें कहां-कहां खिला है कमल?

उत्तराखंड – यहां 2017 से बीजेपी की सरकार है। हिमाचल प्रदेश – यहां कांग्रेस की सरकार है, हालांकि अगले चुनाव 2027 में होंगे। हरियाणा – 2024 में बीजेपी ने यहां विधानसभा चुनाव जीते थे। दिल्ली – दिल्ली में बीजेपी ने विधानसभा की 12 में से 8 सीटें जीती हैं। राजस्थान – 2023 से यहां बीजेपी की सरकार है। मध्य प्रदेश – यहां 2020 से बीजेपी की सरकार है। उत्तर प्रदेश – बीजेपी की सरकार है और यहां की सियासत पर बीजेपी का दबदबा है। इन राज्यों में बीजेपी ने अकेले अपनी ताकत से सरकार बनाई है, और कहीं भी पार्टी के सहयोगी नहीं हैं।

यमुनाजी और सियासत का कनेक्शन

यमुनाजी सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक महत्व की नहीं है, बल्कि यहां की सियासत भी काफी दिलचस्प है। कई चुनावों में यमुनाजी को साफ करने का मुद्दा सामने आया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने यमुनाजी की सफाई का वादा किया था, जबकि बीजेपी ने इसे साबरमती नदी की तरह सुंदर बनाने की बात कही थी। दिल्ली में बीजेपी की जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यमुनाजी के सम्मान में 'यमुनामैया की जय' के नारे भी लगवाए थे। ये नारे बीजेपी के यमुनाजी से जुड़ाव को और मजबूत करते हैं।

देश भर में बढ़ रही बीजेपी की सियासी ताकत

यमुनाजी के किनारे जितने भी राज्य हैं, वहां बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई है। यहां तक कि दिल्ली में भी बीजेपी ने जीत हासिल की और पार्टी ने यमुनाजी के किनारे की 12 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी का कद बढ़ा है, और अब ये साफ दिखता है कि यमुनाजी के किनारे बीजेपी की सियासत का असर और गहरा हो रहा है। भारत में 27 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन 30 में से 15 राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जबकि 21 राज्यों में एनडीए के मुख्यमंत्री हैं। इसका मतलब है कि देश के करीब 70 फीसदी राज्यों में बीजेपी और एनडीए का शासन है। इसके साथ ही यूपी, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जबकि बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में एनडीए के मुख्यमंत्री हैं।

गंगा नदी के किनारे सियासी समीकरण थोड़ा अलग

जहां यमुनाजी के किनारे बीजेपी का दबदबा बढ़ रहा है, वहीं गंगा नदी के किनारे सियासी समीकरण थोड़ा अलग हैं। गंगा नदी उत्तर भारत की सबसे बड़ी नदी है और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और बंगाल से होकर गुजरती है। हालांकि गंगा के किनारे भी कई बीजेपी सरकारें हैं, लेकिन यमुनाजी के मुकाबले यहां बीजेपी की जीतें कम हैं। ये भी पढ़ें:चुनाव हारकर अब सौरभ भारद्वाज बन गए यूट्यूबर, जानिए आगे क्या है उनका प्लान
Girijansh Gopalan

Girijansh Gopalan

Next Story