ममता कुलकर्णी से लेकर विनोद खन्ना तक, बॉलीवुड के ये सितारे कैसे बने साधु-संत

क्या आप जानते हैं कि ममता कुलकर्णी, विनोद खन्ना जैसे बड़े बॉलीवुड सितारे क्यों फिल्मों को छोड़कर साधु बने? जानें बॉलीवुड के उन सितारों के बारे में जिन्होंने संन्यास लिया।

Girijansh Gopalan
Published on: 26 Jan 2025 10:31 AM IST
ममता कुलकर्णी से लेकर विनोद खन्ना तक, बॉलीवुड के ये सितारे कैसे बने साधु-संत
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बॉलीवुड में कई ऐसे अभिनेता और अभिनेत्री रहे हैं जिन्होंने ग्लैमर और शोहरत की दुनिया को छोड़कर साधु-संत बनने का फैसला लिया। इनका संन्यास के साथ एक नया अध्याय शुरू हुआ, जो न सिर्फ उनके जीवन को बदलने वाला था, बल्कि उनके फैंस के लिए भी एक बड़ा शॉक था। ममता कुलकर्णी का नाम इस लिस्ट में नया है, लेकिन इससे पहले भी कई बड़े सितारे इस रास्ते पर चल चुके हैं। तो चलिए, जानते हैं उन सितारों के बारे में जिन्होंने फिल्मों की दुनिया से निकलकर अध्यात्म की राह पकड़ी और अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू किया।

ममता कुलकर्णी: बॉलीवुड छोड़कर साध्वी बनीं

ममता कुलकर्णी, जिनका नाम 90 के दशक में फिल्मी पर्दे पर कई हिट फिल्मों और बोल्ड अवतार के लिए मशहूर था, अब एक साध्वी बन चुकी हैं। उनका नाम अब 'श्री यमाई ममतानंद गिरी' है और वह किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भी बन चुकी हैं। ममता ने हाल ही में प्रयागराज के महाकुंभ में अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं, जो वायरल हो गईं। इन तस्वीरों में वह साध्वी के रूप में नजर आ रही थीं। ममता ने कई साल पहले ही सांसारिक मोह-माया को छोड़कर भगवा पहनने का निर्णय लिया था। अब उन्होंने पूरी तरह से फिल्मी दुनिया से अलविदा ले लिया है और आध्यात्मिक जीवन जीने का रास्ता अपनाया है। ममता का कहना है कि वह अब फिल्मों में वापस नहीं लौटेंगी। हालांकि, क्या यह अंतिम फैसला है, यह कहना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि बॉलीवुड में पहले भी कई सितारे ऐसा दावा कर चुके हैं, लेकिन बाद में वे फिर से फिल्मों की दुनिया में लौट आए।

विनोद खन्ना: फिल्म स्टार से ओशो के शिष्य तक का सफर

विनोद खन्ना का नाम भी उन बॉलीवुड सितारों में आता है जिन्होंने फिल्मों में अपनी सफलता के बावजूद आध्यात्मिक रास्ता अपनाया। वह ओशो के शिष्य थे और कई साल तक ओशो के आश्रम में रहे। ओशो के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने 1980 के दशक में अमेरिका के रजनीश आश्रम में अपना समय बिताया और वहां 'स्वामी विनोद भारती' के नाम से पहचाने गए। विनोद खन्ना ने अपनी फिल्मी करियर की ऊंचाई पर रहते हुए ओशो के आश्रम जाने का फैसला किया। हालांकि, कुछ साल बाद उनका ओशो से मोहभंग हुआ और वह फिर से फिल्म इंडस्ट्री में लौट आए। उनके इस कदम ने यह साबित किया कि कभी-कभी आध्यात्मिक जीवन भी उन्हें अपनी पुरानी दुनिया की ओर खींच लेता है, जिनसे वे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

महेश भट्ट और विजय आनंद: ओशो के आश्रम में समय बिताने के बाद फिल्मों में वापसी

महेश भट्ट, जो बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक रहे हैं, और विजय आनंद, जो फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नाम थे, दोनों ने ओशो के आश्रम में समय बिताया था। इन दोनों ने ओशो के विचारों को अपनाया और कुछ समय तक आध्यात्मिक जीवन जिया। लेकिन इसके बाद, जैसे ही इनका मोह ओशो के आश्रम से भंग हुआ, वे फिर से फिल्मी दुनिया में लौट आए। महेश भट्ट और विजय आनंद के इस बदलाव ने यह साबित किया कि किसी भी आध्यात्मिक यात्रा का अंत हमेशा स्थायी नहीं होता। जीवन में कई मोड़ आते हैं, और कभी-कभी लोग अपनी पुरानी दुनिया में वापस लौटने का फैसला करते हैं।

प्रेमनाथ: जब अभिनेता से साधु बने और फिर फिल्मों में लौटे

प्रेमनाथ का नाम भी बॉलीवुड के कुछ ऐसे सितारों में आता है जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा लेकर संन्यास लेने का निर्णय लिया था। उन्होंने फिल्मों में अपने करियर के शुरुआत में काफी सफलता पाई, लेकिन बाद में जब उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं, तो उन्होंने साधु बनने का फैसला किया। प्रेमनाथ ने कई सालों तक भगवा पहनकर संन्यास लिया, लेकिन अंत में वह फिल्मों में वापस लौट आए और 'बॉबी', 'जॉनी मेरा नाम', और 'बादल' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। उनका जीवन यह दिखाता है कि जब जीवन में कुछ भी स्थिर नहीं होता, तो कभी न कभी इंसान अपनी पुरानी जिंदगी की ओर वापस लौट आता है।

कुछ सितारे जिन्होंने संन्यास के बाद नहीं लौटे: सुचित्रा सेन और नीता मेहता

कुछ बॉलीवुड सितारे ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने फिल्मों से संन्यास लेने के बाद अपना पूरा जीवन आध्यात्मिक मार्ग पर समर्पित कर दिया। सुचित्रा सेन, जिनका नाम 60 और 70 के दशक में बांग्ला और हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री के रूप में लिया जाता है, ने फिल्मों से रिटायरमेंट के बाद संन्यास लिया और जीवन के आखिरी साल रामकृष्ण मिशन के सेवा आश्रम में बिताए। सुचित्रा सेन का जीवन यह दिखाता है कि अगर कोई ठान ले, तो वह अपने पुराने जीवन से पूरी तरह मुंह मोड़ सकता है। नीता मेहता भी एक ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने लगभग 40 फिल्मों में अभिनय किया था, लेकिन बाद में उन्होंने सिनेमा को छोड़कर आध्यात्मिक रास्ता अपनाया। उनके बारे में भी कहा जाता है कि वह संन्यास में स्थिर रहीं और फिल्मों में कभी वापसी नहीं की।

बॉलीवुड के ये सितारे क्यों छोड़ते हैं फिल्मों को?

बॉलीवुड के कई सितारे संन्यास लेने का फैसला करते हैं, लेकिन उनका यह कदम हमेशा एक रहस्य बना रहता है। शायद यह बदलाव उनके अंदर के गहरे आत्मिक खोज का परिणाम होता है। कुछ सितारे मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की तलाश में यह कदम उठाते हैं, तो कुछ यह महसूस करते हैं कि ग्लैमर और शोर-शराबे से भरपूर फिल्म इंडस्ट्री उन्हें खुश नहीं कर पा रही। कभी फिल्मी सितारे अपने जीवन के इस बदलाव को एक आत्मिक यात्रा के रूप में देखते हैं, तो कभी यह एक मौका होता है, जिसमें वे अपने अंदर के आत्मा को समझने का प्रयास करते हैं। ये भी पढ़ें:IIfA 2025 : आईफा अवार्ड्स ने पूरे किए 25 साल, प्री-इवेंट में शामिल हुई ये बड़ी, हस्तियां
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