जानें कैसे हुई थी 'ऑस्कर' अवॉर्ड की शुरुआत, नाम के पीछे की कहानी भी है बेहद रोचक

Pooja
Published on: 3 March 2025 3:48 PM IST
जानें कैसे हुई थी ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत, नाम के पीछे की कहानी भी है बेहद रोचक
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Oscar Award History: सिनेमा के सबसे बड़े अवॉर्ड फंक्शन यानी 'एकेडमी अवॉर्ड्स' (ऑस्कर 2025) का शानदार आगाज लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में हुआ। हर किसी की नजरें 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स पर टिकी हुई हैं। दरअसल, सिनेमा में अपने बेहतरीन योगदान के लिए दुनियाभर के सितारों को इस अवॉर्ड के जरिए पुरस्कृत किया जाता है, जो वाकई बहुत बड़ी बात होती है। ऑस्कर की ट्रॉफी अपने नाम करने का सपना हर फिल्म स्टार का होता है। यह ट्रॉफी वाकई बेहद खास होती है। वैसे, क्या आप इस ट्रॉफी के बनने, ऑस्कर अवॉर्ड्स और इसके इतिहास (Oscar Award History) के बारे में जानते हैं? अगर नहीं, तो चलिए इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं कि कैसे एकेडमी अवॉर्ड्स की शुरुआत हुई और इसका नाम 'ऑस्कर' क्यों पड़ा। आइए बताते हैं-

'ऑस्कर अवॉर्ड्स' का इतिहास

इस अवॉर्ड को अमेरिका की 'एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज' की तरफ से दिया जाता है। यह अवॉर्ड फंक्शन हर साल आयोजित किया जाता है, जिसमें सिनेमा में बेहतरीन योगदान देने के लिए स्टार्स को पुरस्कृत किया जाता है। इसके लिए साल 1927 में 'MGM स्टूडियो' के हेड लुइस बी मेयर ने कुछ अन्य लोगों के साथ एक मीटिंग की थी। जिसका मकसद फिल्म इंडस्ट्री को फायदा पहुंचाना था। जनवरी 1927 में लॉस एंजिल्स के एंबेसेडर होटल में एक डिनर पार्टी होस्ट की गई, जिसमें कुल 36 लोग शामिल हुए और उनके बीच संगठन बनाने के प्रपोजल पर बातचीत हुई। उसी साल मार्च में डगलस फेयरबैंक्स की अध्यक्षता में संगठन के पदाधिकारियों को चुना गया। फिर मई में इस एकेडमी को एनजीओ के तौर पर अनुमति मिली। सबसे पहले इसमें एक्टर, डायरेक्टर, राइटर और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। पहला अवॉर्ड फंक्शन साल 1929 में होस्ट किया गया था।

ऑस्कर की ट्रॉफी बनने की कहानी

'ऑस्कर अवॉर्ड' की ट्रॉफी जितनी यूनिक है, इसके बनने की कहानी भी उतनी ही रोचक है। इसके डिजाइन्स बनने की कहानी भी साल 1927 में ही बुनी गई थी। दरअसल, 'अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज' ने इस अवॉर्ड की ट्रॉफी बनाने पर चर्चा की और कई आर्टिस्ट से डिजाइन्स पेश करने के लिए कहा। कई डिजाइन्स सामने आए, लेकिन ट्रॉफी के जिस डिजाइन को पसंद किया गया, वह मूर्तिकार जॉर्ज स्टैनली ने बनाया था। धातु से बनी इस ट्रॉफी पर गोल्ड की लेयर रहती है। इसका वजन 8.5 पाउंड यानी 3.85 किलो होता है। जबकि इसकी लंबाई 13.5 इंच होती है। जानकारी के मुताबिक, ऑस्‍कर अवॉर्ड में जो ट्रॉफी दी जाती है, वह मैक्सिकन फिल्‍ममेकर और एक्‍टर एमिलियो फर्नांडीज से इंस्पायर्ड है।

कैसे पड़ा 'एकेडमी अवॉर्ड' का नाम 'ऑस्कर'

एकेडमी अवॉर्ड को आज दुनिया भर में 'ऑस्कर' के नाम से जाना जाता है, जिसका असली नाम ‘अकादमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट’ है। पहली बार यह 16 मई 1929 में आयोजित किया गया था। अमेरिका के 'होटल रुजवेल्ट' में आयोजित हुआ यह अवॉर्ड फंक्शन सिर्फ 15 मिनट तक ही चला था। इस अवॉर्ड का नाम 'ऑस्कर' रखने का श्रेय अकादमी लाइब्रेरियन मार्गरेट हेरिक को जाता है। इसका कारण बड़ा ही दिलचस्प है। दरअसल, उन्होंने इसका नाम 'ऑस्कर' इसलिए रखा, क्योंकि उन्हें यह ट्रॉफी अपने अंकल ऑस्कर जैसी लग रही थी।
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