Nepal Earthquake: नेपाल में आया भूकंप, उत्तरप्रदेश समेत बिहार और उत्तराखंड में भी डोली धरती

नेपाल में शुक्रवार को भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 5.0 रही। यूपी-बिहार में झटके महसूस हुए। म्यांमार में भारी तबाही अब भी जारी है।

Vyom Tiwari
Published on: 5 April 2025 9:42 AM IST
Nepal Earthquake: नेपाल में आया भूकंप, उत्तरप्रदेश समेत बिहार और उत्तराखंड में भी डोली धरती
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नेपाल में शुक्रवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता करीब 5.0 मापी गई। इसका केंद्र नेपाल में ही था, लेकिन असर उत्तर भारत के कई राज्यों—जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड—में भी महसूस हुआ। झटके महसूस होते ही लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। भूकंप विशेषज्ञों के मुताबिक, ये एक मध्यम तीव्रता का भूकंप था, लेकिन भविष्य में ज़ोरदार भूकंप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हाल के दिनों में म्यांमार और बैंकॉक में जो तबाही हुई थी, वो भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा है। वहां अभी तक लोग भूकंप से हुई तबाही से उबर नहीं पाए हैं।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कांपी धरती 

नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और यह भूकंप से प्रभावित इलाकों में आता है। नेपाल की सीमा भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से मिलती है। इस वजह से जब नेपाल में भूकंप आता है, तो उसका असर भारत के कई इलाकों में भी महसूस होता है। इसी कारण उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और आसपास के जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

म्यांमार में आया था 7.7 तीव्रता का भूकंप

म्यांमार के सगाइंग शहर में पिछले शुक्रवार को इतना भयानक भूकंप आया, जिसे देखकर रूह कांप उठे। इसे सदी का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। ज़मीन ऐसे हिली कि सड़कें फट गईं, बड़ी-बड़ी इमारतें गिर गईं और हर तरफ गहरे गड्ढे बन गए। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, को जेयर नाम के एक व्यक्ति मंडाले से अपने शहर सगाइंग लौट रहे थे। आमतौर पर ये सफर सिर्फ 45 मिनट का होता है, लेकिन भूकंप की तबाही के चलते उन्हें इसे पूरा करने में पूरे 24 घंटे लग गए। रास्ते भर उन्हें टूटी हुई सड़कें, ढहे हुए पुल और बर्बादी का मंजर देखने को मिला। जेयर का परिवार तो सुरक्षित बच गया, लेकिन उनके कई दोस्त इस भूकंप में जान गंवा बैठे। सगाइंग शहर अब मलबे का ढेर बन चुका है और वहां राहत कार्य बहुत मुश्किल से चल रहा है, क्योंकि ज़रूरी संसाधनों की भारी कमी है।

3,145 लोगों की हुई मौत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 3,145 लोगों की मौत हो चुकी है, और सैकड़ों लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। पूरे इलाके में लाशों की बदबू फैल गई है, जिससे हालात और भी भयावह हो गए हैं। मजबूरी में स्थानीय लोग शवों को सामूहिक कब्रों में दफना रहे हैं। लगातार आ रहे भूकंप के झटकों के कारण लोग अपने घरों में नहीं लौट पा रहे और खुले आसमान के नीचे चटाई बिछाकर सोने को मजबूर हैं। म्यांमार में चल रहा गृहयुद्ध और फौजी सरकार की वजह से राहत और बचाव का काम भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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