Dungarpur Panther Attack: पहले नील गाय फिर पैंथर ने मीडियाकर्मी का पैर जबड़े में दबोचा, गाँव वालों ने किया काबू

Bodhayan Sharma
Published on: 1 April 2024 9:08 PM IST
Dungarpur Panther Attack: पहले नील गाय फिर पैंथर ने मीडियाकर्मी का पैर जबड़े में दबोचा, गाँव वालों ने किया काबू
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Dungarpur Panther Attack:डूंगरपुर। डूंगरपुर जिले के भादर वन क्षेत्र के गड़िया भादर मेतवाला गांव में एक पैंथर ने मीडियाकर्मी पर हमला कर दिया। पैंथर ने पहले नील गाय का शिकार किया था। इसके बाद सूचना मिलने पर मीडियाकर्मी इस घटना को शूट करने वहाँ पहुँच कर जब घटना को शूट कर रहा था। तभी झड़ियों से तेंदुए ने निकाल कर मीडिया कर्मी पर हमला कर दिया। तेंदुआ नील गाय का शिकार करने पर करने के बाद झाड़ियों में छुपा हुआ था।
मीडिया कर्मी का पैर जबड़े में दबोचा
तेंदुए ने मीडियाकर्मी के पैर को जबड़े में दबोच लिया। मीडियाकर्मी ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार खुद को बचाने के लिए पैंथर से लड़ता रहा। मीडियाकर्मी को ऐसे लड़ते देख कर आसपास खड़े लोगों ने भी हिम्मत जुटाई और पैंथर को रस्सों से बांध दिया। इसके बाद लोगों की भीड़ लग गई। हालांकि इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और जरूरी कार्यवाही करते हुए पैंथर को रेस्क्यू कर साथ ले गयी।
नीलगाय का शिकार
मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार गड़िया भादर मेतवाला गांव में एक घर के पीछे की तरफ मेघ तालाब के पास पैंथर दिखाई दिया। पैंथर एक नील गाय का शिकार करने के बाद झाड़ियों के बीच जाकर छुप गया था। तेंदुआ झाड़ियों में ही नीलगाय शिकार को खा रहा था। इसी बीच गांव के लोग इकट्ठे हो गए। विनोद कटारा, उपसरपंच सुरेश, शंकर कटारा, प्रभु कटारा, मणिलाल कटारा, कालूराम ताबियाड, ज्योतीलाल बुझ समेत गांव के कई लोग इकट्ठे हो गए।
5 मिनट तक किया तेंदुए से संघर्ष
बांसिया निवासी मीडियाकर्मी गुणवंत कलाल भी कवरेज करने पहुंच गए। लोग झाड़ियों में छुपे पैंथर को जंगल की तरफ भगाने का प्रयास कर रहे थे। वही बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी की तरफ खड़े रहकर देखकर रहे थे। उसी समय पैंथर जंगल की तरफ भागने की बजाय लोगो की ओर दौड़ने लगा। पैंथर ने मीडियाकर्मी गुणवंत कलाल पर अटैक कर दिया। पैंथर ने गुणवंत के एक पैर को जबड़े में दबोच लिया। पैंथर का हमला होते ही दूसरे लोग दूर भाग गए। वही गुणवंत ने खुद को बचाने दूसरे पैर से पैंथर के जबड़े पर मारा। इससे पैर छूट गया, लेकिन पैंथर ने फिर से अटैक करते हुए हाथ को जबड़े में पकड़ लिया। इसके बाद करीब 5 मिनट तक दोनो के बीच संघर्ष चलता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने की मदद
वही दूर से बैठे देख रहे लोगो ने हिम्मत जुटाई और फिर पैंथर को भगाने का प्रयास करने लगे। वही लोग रस्से लेकर दौड पड़े। पैंथर पर रस्सियां डालकर उसे बांधने का प्रयास करने लगे। काफी मशक्कत के बाद पैंथर लोगो की पकड़ में आ सका। इसके बाद लोगो ने पैंथर को रस्सियों से बांध दिया। वही पैंथर के हमले में गुणवंत कलाल के हाथ, पैर और शरीर पर कई जगह चोटें आई, जिससे खून बहने लगा। उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे और इलाज करवाया। वही सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पैंथर को रेस्क्यू किया। ये भी पढ़ें: CONGRESS STAR CAMPAIGNER: काँग्रेस के स्टार प्रचारकों में राजस्थान को इतनी तवज्जो क्यों? सारे नाम जानें...
Bodhayan Sharma

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