• ftr-facebook
  • ftr-instagram
  • ftr-instagram
search-icon-img

Radha Ashtami 2025: राधा रानी के लिए मनाई जाती है राधा अष्टमी, जानिए कब है यह त्योहार

हिंदुओं के लिए राधा अष्टमी एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है।
featured-img

Radha Ashtami 2025: हिंदुओं के लिए राधा अष्टमी एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। यह सबसे प्रिय त्योहारों में से एक है, जो देवी राधा रानी का सम्मान करता है। यह त्योहार श्री राधा रानी के जन्मोत्सव (Radha Ashtami 2025) के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार कृष्ण जन्माष्टमी के पंद्रह दिन बाद, भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

भारत भर में भक्तगण, विशेषकर बरसाना, वृंदावन और मथुरा में, राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को याद करते हुए इस दिन को भव्यता (Radha Ashtami 2025) के साथ मनाते हैं।

कब है राधा अष्टमी?

यह पर्व भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी की शुरुआत 30 अगस्त, को रात 10:46 बजे होगी और इसकी समाप्ति 01 सितंबर को रात 12:57 बजे होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, राधा अष्टमी का पर्व 31 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन मध्याह्न समय प्रातः 11:05 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक है। इसी दौरान राधा रानी का उत्सव मनाया जाएगा।

Radha Ashtami 2025: राधा रानी के लिए मनाई जाती है राधा अष्टमी, जानिए कब है यह त्योहार

राधा अष्टमी क्यों मनाई जाती है?

राधा अष्टमी देवी राधा के दिव्य जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जिन्हें प्रेम, भक्ति और करुणा की प्रतिमूर्ति माना जाता है। कृष्ण के प्रति राधा का प्रेम, सांसारिक इच्छाओं से मुक्त, भक्ति का सर्वोच्च रूप माना जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखकर, प्रार्थना करके, भजन गाकर और राधा-कृष्ण को समर्पित मंदिरों में जाकर इस दिन को मनाते हैं। राधा की जन्मस्थली बरसाना में, कीर्तन और जुलूस के साथ भव्य उत्सव राधा और कृष्ण की शाश्वत प्रेम कहानी को जीवंत करते हैं।

राधा अष्टमी का महत्व

हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का बहुत पवित्र महत्व है। इस दिन को सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन राधा जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भक्त इस दिन को बड़े हर्षोल्लास और उल्लास के साथ मनाते हैं और पूरे देश में इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी ने राधा जी के रूप में जन्म लिया था। भगवान कृष्ण उनसे बहुत प्रेम करते हैं।

राधा अष्टमी के अनुष्ठान

सुबह जल्दी उठें, घर और पूजा स्थल की सफाई करें। देवी राधा रानी की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएँ। उन्हें सुंदर वस्त्र और कुछ आभूषण पहनाएँ। मूर्ति को लकड़ी के तख्ते पर स्थापित करें। देवी के सामने देसी घी का दीया जलाएँ और माला चढ़ाएँ। राधा जी के लिए कुछ मिठाइयाँ तैयार करें। मंत्रों का जाप करें और देवी राधा रानी को भोग प्रसाद अर्पित करें। राधा रानी जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए, राधा अष्टकम का पाठ करके और भक्ति भजन गाकर इस दिन को यादगार बनाएँ। भक्तों को अपनी कृतज्ञता प्रकट करने के लिए देवी राधा रानी को समर्पित मंदिर अवश्य जाना चाहिए।

Radha Ashtami 2025: राधा रानी के लिए मनाई जाती है राधा अष्टमी, जानिए कब है यह त्योहार

भक्त राधा अष्टमी कैसे मनाते हैं ?

उपवास: कई भक्त निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ फल और दूध ग्रहण करते हैं।
मंदिर उत्सव: बरसाना और मथुरा के मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है, जहाँ राधा रानी का फूलों और आभूषणों से श्रृंगार किया जाता है।
भजन और कीर्तन: राधा और कृष्ण के भक्ति गीत गाना इस उत्सव का एक अनिवार्य हिस्सा है।
दान: इस दिन गरीबों को भोजन, वस्त्र और धन दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

यह भी पढ़े: कल है ललिता सप्तमी व्रत, नवविवाहित जोड़ों के लिए खास होता है यह दिन

.

tlbr_img1 होम tlbr_img2 शॉर्ट्स tlbr_img3 वेब स्टोरीज tlbr_img4 वीडियो tlbr_img5 वेब सीरीज