Holi 2026 Date: चंद्र ग्रहण के कारण होली के डेट को लेकर हैं कंफ्यूज! यहां जानें सही तिथि

होली हिंदू महीने फाल्गुन की पूर्णिमा को मनाई जाती है। सामान्यतः, होलिका दहन पूर्णिमा की रात को होता है, जिसके बाद अगले दिन होली मनाई जाती है।

Preeti Mishra
Published on: 23 Feb 2026 11:51 AM IST
Holi 2026 Date: चंद्र ग्रहण के कारण होली के डेट को लेकर हैं कंफ्यूज! यहां जानें सही तिथि
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Holi 2026 Date: हर साल होली नजदीक आने पर, लोग होलिका दहन और रंगों के त्योहार की सही तिथियों का निर्धारण करने के लिए हिंदू चंद्र पंचांग पर निर्भर रहते हैं। 2026 में, फाल्गुन पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण होने के कारण कई लोग उत्सव की तिथियों को लेकर असमंजस में हैं।

पारंपरिक पंचांग गणना और धार्मिक दिशानिर्देशों के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च, 2026 को होगा, जबकि होली (रंगवाली होली) 4 मार्च, 2026 को मनाई जाएगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण अनुष्ठानों के समय में बदलाव किए गए हैं, ताकि शुभ तरीके से इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके।

2026 में यह असमंजस क्यों हुआ?

होली हिंदू महीने फाल्गुन की पूर्णिमा को मनाई जाती है। सामान्यतः, होलिका दहन पूर्णिमा की रात को होता है, जिसके बाद अगले दिन होली मनाई जाती है।

हालांकि, 2026 में, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के साथ पड़ रहा है। हिंदू परंपरा में, ग्रहण को धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए अशुभ समय माना जाता है। ग्रहण और उससे कई घंटे पहले शुरू होने वाले सूतक काल के दौरान धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं।

चूंकि होलिका दहन में पवित्र अग्नि अनुष्ठान शामिल होते हैं, इसलिए इसे ग्रहण के दौरान नहीं किया जा सकता है। परिणामस्वरूप, होलिका दहन की रस्म को ग्रहण से एक दिन पहले की शाम को किया जाता है।

होलिका दहन 2026 तिथि एवं समय

होलिका दहन: 2 मार्च 2026 (शाम)

कारण: चंद्र ग्रहण और 3 मार्च को पड़ने वाले सूतक से बचाव

ग्रहण से पहले होलिका दहन करने से यह सुनिश्चित होता है कि यह अनुष्ठान शुभ समय में हो, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व बना रहता है।

होली 4 मार्च को क्यों मनाई जाएगी?

परंपरागत रूप से, होली होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाती है। चूंकि ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा को प्रभावित करता है और इस दौरान अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं, इसलिए रंगों का यह उत्सव अगले दिन मनाया जाता है।

रंगवाली होली: 4 मार्च 2026

इस समायोजन से यह सुनिश्चित होता है कि ग्रहण की अवधि समाप्त होने और सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू होने के बाद उत्सव मनाया जाए।

ग्रहण के दौरान अनुष्ठान न करने का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार, ग्रहण से ब्रह्मांडीय ऊर्जा अस्थिर हो जाती है। इस दौरान शुभ समारोह, खाना पकाना, मंदिर के अनुष्ठान और धार्मिक गतिविधियां नहीं की जाती हैं। श्रद्धालु इस दौरान मंत्रोच्चार, ध्यान या प्रार्थना करते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद, सामान्य गतिविधियों को फिर से शुरू करने से पहले स्नान और सफाई जैसी शुद्धि क्रियाएं की जाती हैं।

पंचांग का महत्व

हिंदू पंचांग अनुष्ठानों के लिए शुभ समय निर्धारित करने हेतु सटीक गणना प्रदान करता है। होलिका दहन जैसे समायोजन, धार्मिक प्रथाओं को ब्रह्मांडीय चक्रों और पारंपरिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने के महत्व को दर्शाते हैं। सही समय का पालन करने से आध्यात्मिक लाभ सुनिश्चित होते हैं और त्योहार का पवित्र अर्थ संरक्षित रहता है।

निष्कर्ष

2026 की होली की तिथियों को लेकर भ्रम की स्थिति 3 मार्च को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के कारण उत्पन्न हुई है, जो फाल्गुन पूर्णिमा के साथ मेल खाता है। ग्रहण के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों से बचने के लिए, होलिका दहन 2 मार्च को और होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। खगोलीय घटनाओं के प्रभाव को समझने से भक्तों को धार्मिक परंपराओं और शुभ समय के अनुसार त्योहार मनाने में मदद मिलती है, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व संरक्षित रहता है।

Preeti Mishra

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Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

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