Good Friday 2026: गुड फ्राइडे आज, जानें क्यों नहीं कहते हैं हैप्पी गुड फ्राइडे

इस दिन के महत्व को समझने से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि इस अवसर पर दी जाने वाली शुभकामनाएँ अधिक विचारशील और संयमित क्यों होती हैं।

Preeti Mishra
Published on: 3 April 2026 10:45 AM IST
Good Friday 2026: गुड फ्राइडे आज, जानें क्यों नहीं कहते हैं हैप्पी गुड फ्राइडे
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Good Friday 2026: आज गुड फ्राइडे है। यह ईसाई कैलेंडर के सबसे गंभीर दिनों में से एक है। यह दिन ईसा मसीह के सूली पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु का प्रतीक है, इसलिए यह उत्सव मनाने के बजाय चिंतन, प्रार्थना और मौन का समय होता है। यही कारण है कि बहुत से लोग "हैप्पी गुड फ्राइडे" कहने से बचते हैं।

हालाँकि "गुड" (अच्छा) शब्द सुनने में सकारात्मक लग सकता है, लेकिन यहाँ इसका अर्थ बहुत अलग है। इस दिन के महत्व को समझने से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि इस अवसर पर दी जाने वाली शुभकामनाएँ अधिक विचारशील और संयमित क्यों होती हैं।

लोग "हैप्पी गुड फ्राइडे" क्यों नहीं कहते?

"हैप्पी गुड फ्राइडे" वाक्यांश से आम तौर पर एक साधारण कारण से बचा जाता है: यह दिन के मिजाज से मेल नहीं खाता। "Good" शब्द का अर्थ पवित्र या पावन होता है, न कि आनंदमय। यह दिन दुख और बलिदान का प्रतीक है, न कि उत्सव का। कई श्रद्धालुओं को "Happy" शब्द का इस्तेमाल करना बेतुका लग सकता है। गुड फ्राइडे पूरी गंभीरता और सम्मान के साथ मनाया जाता है।

गुड फ्राइडे में ‘गुड’ का क्या मतलब है?

गुड फ्राइडे में “गुड” शब्द पुराने इस्तेमाल से आया है। यह किसी पवित्र या पावन चीज़ को दर्शाता है। कुछ व्याख्याएँ इसे “God’s Friday” (ईश्वर के शुक्रवार) से जोड़ती हैं।

यह इस विश्वास को दिखाता है कि इस दिन का गहरा आध्यात्मिक महत्व है। इसलिए, भले ही यह दिन दुख भरा हो, फिर भी इसे आस्था में महत्वपूर्ण माना जाता है।

गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है?

गुड फ्राइडे ईसा मसीह के अंतिम पलों की याद दिलाता है। यह ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु का प्रतीक है। यह ईस्टर ट्रिडम (गुड फ्राइडे, होली सैटरडे, ईस्टर संडे) का हिस्सा है। यह दिन बलिदान, क्षमा और आस्था पर केंद्रित होता है। यह लोगो को ईस्टर संडे के लिए तैयार करता है, जिस दिन ईसा मसीह के पुनरुत्थान का उत्सव मनाया जाता है।

गुड फ्राइडे आमतौर पर शांति और गंभीरता से मनाया जाता है। इस दिन लोग चर्च में प्रार्थना करते हैं। इस दिन उपवास रखा जाता है या सादा भोजन किया जाता है। लोग धार्मिक ग्रंथों का पाठ करते हैं। यश दिन मौन और चिंतन का होता है। पूरे दिन माहौल शांत बना रहता है।

Preeti Mishra

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Senior Sub Editor (Feature)

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