Chandra Grahan 2026: भारत में इस समय लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें कब होगा सूतक काल

सूर्य ग्रहण दिन के समय होता है, जबकि चंद्र ग्रहण रात में होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है।

Preeti Mishra
Published on: 21 Feb 2026 12:28 PM IST
Chandra Grahan 2026: भारत में इस समय लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें कब होगा सूतक काल
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Chandra Grahan Kab Hai: चंद्र ग्रहण विश्व भर में देखे जाने वाले सबसे आकर्षक खगोलीय घटनाओं में से एक है। भारत में इसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों महत्व है। सूर्य ग्रहण दिन के समय होता है, जबकि चंद्र ग्रहण रात में होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस खगोलीय संरेखण से चंद्रमा पर छाया पड़ती है।

भारत में चंद्र ग्रहण कब है?

2026 में दो चंद्र ग्रहण होंगे। पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च को और दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को होगा। 3 मार्च, 2026 को लगने वाला ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और भारत में यह अपने अंतिम चरण में दिखाई देगा।

ग्रहण प्रारंभ (वैश्विक स्तर पर): दोपहर 3:20 बजे।

भारत में चंद्रग्रहण का दृश्यता समय: शाम 6:22 से 6:26 बजे के आसपास (शहर के अनुसार)।

अधिकतम दृश्य चरण: शाम 6:33 से 6:40 बजे तक।

ग्रहण समाप्ति: शाम 6:46 से 6:47 बजे तक।

भारत में चंद्र ग्रहण का सूतक काल

चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल (अशुभ काल) मान्य माना जाता है। यह आमतौर पर ग्रहण से 9 घंटे पहले (लगभग सुबह 6:20 बजे) शुरू होगा। चंद्र ग्रहण अमेरिका, प्रशांत क्षेत्र, ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी एशिया में सबसे अच्छी तरह से देखा जा सकेगा। भारत में इसका बिल्कुल अंतिम भाग दिखाई देगा।

चंद्रग्रहण का वैज्ञानिक महत्व

चंद्रग्रहण वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खगोलविदों को पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य की स्थिति का अध्ययन करने में सहायता करता है। इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे उसकी कक्षीय गति और पृथ्वी के गोलाकार आकार की पुष्टि होती है। इसमें दिखाई देने वाला लाल रंग वैज्ञानिकों को पृथ्वी के वायुमंडल का विश्लेषण करने में भी सहायक होता है। इसे नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है, इसलिए यह शोध और आकाश अवलोकन के लिए एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है।

चंद्र ग्रहण का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

चंद्र ग्रहण हिंदू परंपरा और अन्य संस्कृतियों में गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व रखता है। इस दौरान, कई भक्तों का मानना ​​है कि आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे यह मंत्रोच्चार, ध्यान और प्रार्थना के लिए एक शक्तिशाली समय बन जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दौरान जप, दान और आध्यात्मिक साधना करने से कई गुना लाभ प्राप्त होते हैं।

इस दौरान अक्सर मंदिर बंद रहते हैं और लोग ग्रहण समाप्त होने तक उपवास रखते हैं। यह भी माना जाता है कि इसके बाद पवित्र स्नान करने से शरीर और मन शुद्ध होते हैं। इस प्रकार, इसे केवल एक खगोलीय घटना के रूप में ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और भक्ति के लिए एक आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवधि के रूप में देखा जाता है।

चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव

ज्योतिष में, चंद्र ग्रहण का भावनाओं, विचारों और मानसिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव माना जाता है क्योंकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान, ज्योतिषी कहते हैं कि भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ सकती है और लोग बेचैन या आत्मचिंतनशील महसूस कर सकते हैं।

इसका प्रभाव अक्सर राशि और ग्रहों की स्थिति के आधार पर विश्लेषण किया जाता है। चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ राशियों को सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव हो सकता है, जबकि अन्य को निर्णय लेने में सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है। ज्योतिषी भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए मंत्र जाप, ध्यान और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने का सुझाव भी देते हैं।

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Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

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