कल लगेगा ग्रस्तोदित खण्डग्रास चंद्र ग्रहण, ज्योतिषाचार्य से जानें राशियों पर असर
ग्रहण की खग्रास स्थिति की समाप्ति सुदूर पूर्वी भारत के कुछ स्थानों से दिखाई देगा तथा देश के बाकी सभी स्थानों में खण्ड चंद्र ग्रहण का मोक्ष ही दिखाई देगा।
Chandra Grahan 2026: कल 3 मार्च, मंगलवार को चंद्र ग्रहण लगेगा। लखनऊ स्थित महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान ट्रस्ट के ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पाण्डेय ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा मंगलवार को शाम 05:58 मिनट पर ग्रहण लग रहा है जो कि शाम 06:48 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
भारत में दिखाई देगा यह चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पाण्डेय बताते हैं कि यह ग्रस्तोदित खण्डग्रास चंद्र ग्रहण सम्पूर्ण भारत वर्ष में दिखाई देगा। परन्तु ग्रहण का प्रारम्भ भारत के किसी भी स्थान में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण की खग्रास स्थिति की समाप्ति सुदूर पूर्वी भारत के कुछ स्थानों से दिखाई देगा तथा देश के बाकी सभी स्थानों में खण्ड चंद्र ग्रहण का मोक्ष ही दिखाई देगा।
काशी में दिखाई देगा यह ग्रहण
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पाण्डेय के अनुसार, काशी सहित सम्पूर्ण भारत में यह ग्रस्तोदित खण्डग्रास चन्द्रग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण का स्पर्श भारतीय समय शाम 05:58 पर एवं मोक्ष 06:48 पर होगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पाण्डेय
कब से शुरू होगा सूतक काल
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पाण्डेय ने बताया कि बच्चे, बूढ़े और रोगी को छोड़कर ग्रहण से 9 घण्टे पूर्व आहार वर्जित है। सूतक ग्रहण के 9 घण्टे पूर्व प्रारम्भ हो जाएगा।
गर्भवती महिलाओं को चाहिए की वो अपने शरीर के बराबर काला धागा नापकर दीवाल में कील के सहारे लटका दें। ग्रहण काल में शयन न करें। भोजन न करे व प्रसन्न चित्त रहते हुए अपने आराध्य देव से गर्भ शिशु के लिए कल्याण की कामना करें। ग्रहण काल में किया हुआ जप तप सिद्धप्रद होता है। ग्रहण के पूर्व व ग्रहण के पश्चात् भी स्नान करना चाहिए। भोजन इत्यादि सामग्री में सूतक के पूर्व ही कुश का टुकड़ा डाल देना चाहिए।।
जानें कैसा होगा चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय ने बताया कि यह ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र एवं सिंह राशि पर लग रहा है अतः विभिन्न राशियों पर इसका फल निम्न प्रकार होगा।
मेष राशि - मानसिक कष्ट
वृष - व्यथा
मिथुन - शुभ
कर्क - अति कष्ट
सिंह- मानसिक पीड़ा
कन्या - हानि
तुला - लाभ
वृश्चिक- सुख
धनु- सुख व शिक्षा लाभ
मकर - अशुभ
कुम्भ - घातक
मीन- सुख की प्राप्ति


