पोखरण में भारत की वायुसेना की दहाड़! वायु शक्ति-2026 पर हिन्द फर्स्ट की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट

Vayu Shakti 2026: राजस्थान के रेगिस्तान में भारतीय वायु सेना के भीषण युद्ध ने शत्रुओं को हिलाकर रख दिया है। भारतीय वायु सेना ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में 'वायु शक्ति-2026' युद्ध अभ्यास किया।

Surya Soni
Updated on: 26 Feb 2026 9:22 AM IST
Vayu Shakti 2026
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Vayu Shakti 2026: राजस्थान के रेगिस्तान में भारतीय वायु सेना के भीषण युद्ध ने शत्रुओं को हिलाकर रख दिया है। भारतीय वायु सेना ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में 'वायु शक्ति-2026' युद्ध अभ्यास किया। 'ऑपरेशन सिंदूर' की तर्ज पर आयोजित इस भव्य अभ्यास को 'हिन्द फर्स्ट' ने देखा, जहां से जमीनी स्तर की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

राफेल, सुखोई और मिराज जैसे विमान शामिल

इस भव्य अभ्यास में वायुसेना ने अपनी मारक क्षमता और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में कुल 120 से अधिक विमानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमान शामिल थे। राफेल, सुखोई और मिराज जैसे आधुनिक विमान अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से भेदते हैं, जिससे दुश्मन के हवाई अड्डों, तोपों, टैंकों और ड्रोनों को नष्ट कर दिया जाता है।

आधुनिक युद्ध प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भरता

'वायु शक्ति-2026' केवल पारंपरिक हमलों तक सीमित नहीं थी। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आत्मघाती ड्रोन, मानवरहित हवाई प्रणालियों का मुकाबला करने वाली प्रणाली और मानवरहित तकनीकों का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में खोज और बचाव, आपदा राहत और त्वरित हवाई परिवहन अभियानों का भी वास्तविक रूप से परीक्षण किया गया।

शानदार ड्रोन शो भी हुआ आयोजित

इस अभ्यास के दौरान लगभग 12 हजार किलोग्राम गोला-बारूद का इस्तेमाल किया गया, जो भारत की रणनीतिक तत्परता का प्रमाण है। कार्यक्रम के अंत में एक शानदार ड्रोन शो भी आयोजित किया गया, जिसने आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का संदेश दिया। जिसमें भारत की 'अभेद्य ढाल' और वायु रक्षा प्रणालियों के नक्शे प्रदर्शित किए गए थे। पोखरण का पूरा इलाका भारतीय पायलटों के सटीक बमबारी और मिसाइल हमलों से गूंज उठा था।

देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

पोखरण के युद्धक्षेत्र में विमानों की गर्जना और बमों के गिरने की आवाज ने देशवासियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया। 'वायु शक्ति-2026' के माध्यम से भारतीय वायु सेना ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह देश के आकाश और सीमाओं की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क और तैयार है। आधुनिक हथियार प्रणालियों, प्रशिक्षित पायलटों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस भारतीय वायु सेना देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

27 फरवरी को आयोजित मुख्य कार्यक्रम

बता दें वायु शक्ति-2026 का मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय वायु सेना के शौर्य, समर्पण और पेशेवर कौशल को सम्मानित करने के लिए उपस्थित रहेंगे।

Surya Soni

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