वाराणसी: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने किया लोहता का दौरा, एसटीपी का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए निर्देश

JAL SHAKTI MINISTER CR PATIL: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को लोहता के ग्राम बेदौली का दौरा किया। केंद्रीय मंत्री ने अन्य प्रोजेक्ट का जायजा लिया।

Surya Soni
Updated on: 20 Feb 2026 6:12 AM IST
वाराणसी: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने किया लोहता का दौरा, एसटीपी का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए निर्देश
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JAL SHAKTI MINISTER CR PATIL: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को लोहता के ग्राम बेदौली का दौरा किया। केंद्रीय मंत्री ने अन्य प्रोजेक्ट का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों और निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्लांट का निर्माण कार्य पूरी तीव्रता और समन्वय के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि वरुणा और गंगा के प्रदूषण नियंत्रण का लक्ष्य समय पर हासिल हो सके।

एसटीपी का निरीक्षण किया

बता दें कि केंद्र व राज्य गंगा-वरुणा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये लोहता में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) की क्षमता की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनेगा।इसके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। एसटीपी बनने के साथ वरुणा में गिरने वाले 13 नाले को भी टैप किया जाएगा। नाले टैप होने से मलजल सीधे वरुणा नदी नहीं जाएगा। साथ ही भगवानपुर के 55 MLD क्षमता वाले एसटीपी का निरीक्षण किया जो शीघ्र ही संचालन में आने वाला है।

निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए निर्देश

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि ''सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। ​बेदौली के साथ ही केंद्रीय मंत्री ने भगवानपुर में नवनिर्मित 55 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का भी निरीक्षण किया। यहां अस्सी नाले से गंगा में प्रवाहित हो रहे अतिरिक्त सीवेज को रोकने के लिए बनाए गए 50 एमएलडी के मुख्य पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) की कार्यप्रणाली को परखा गया।

नमामि गंगे के तहत बढ़ी रफ्तार

यह परियोजना नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत की गई है, जिसका उद्देश्य वरुणा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना और शहरी विस्तार के कारण बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करना है। लोहता क्षेत्र से दुर्गा नाला के माध्यम से गिर रहे अशोधित सीवेज को रोकने के लिए यह एसटीपी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Surya Soni

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