AI समिट विरोध प्रदर्शन के मामले में बड़ी अपडेट, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार
Uday Bhanu Chib Arrest: एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था। भारत मंडपम में चल रहे एआई इंपैक्ट समिट के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
Uday Bhanu Chib Arrest: एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था। भारत मंडपम में चल रहे एआई इंपैक्ट समिट के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आ रहा हैं। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि वह इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार
एआई समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस काफी सख्त नज़र आ रही हैं। सोमवार को इस मामले में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब पूछताछ के लिए बुलाया गया था। अब लंबी पूछताछ के बाद पुलिस उनको गिरफ्तार कर लिया हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उदय भानु को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के पुलिस रिमांड ले सकती है। अब तक इस मामले में 8 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
कांग्रेस पार्टी ने गिरफ्तारी को बताया असंवैधानिक
बता दें एआई समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पुलिस ने हिरासत लिया हैं। अब इसके बाद कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने लिखा कि ''दिल्ली पुलिस ने IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब जी को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी पूरी तरह से असंवैधानिक है। देश के संविधान ने हर नागरिक को विरोध का अधिकार दिया है।''
भूपेश बघेल ने की गिरफ्तारी की निंदा
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ''दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब एवं अन्य युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं।'' उन्होंने आगे लिखा कि ''हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के, सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है।''


