अदानी समूह ने किया ग्रीनएक्स टॉक्स का आयोजन, अदाणी एबिलिटी अवॉर्ड्स किए गए प्रदान

GreenX Talks 2026: अहमदाबाद के अदाणी कॉर्पोरेट हाउस में 27 फरवरी (शुक्रवार) सुबह माहौल कुछ अलग था। पाँचवें संस्करण के ग्रीनएक्स टॉक्स में न सिर्फ़ प्रेरक व्यक्तित्व मौजूद थे

Surya Soni
Published on: 27 Feb 2026 9:12 PM IST
अदानी समूह ने किया ग्रीनएक्स टॉक्स का आयोजन, अदाणी एबिलिटी अवॉर्ड्स किए गए प्रदान
X

GreenX Talks 2026: अहमदाबाद के अदाणी कॉर्पोरेट हाउस में 27 फरवरी (शुक्रवार) सुबह माहौल कुछ अलग था। पाँचवें संस्करण के ग्रीनएक्स टॉक्स में न सिर्फ़ प्रेरक व्यक्तित्व मौजूद थे, बल्कि वह सोच भी जिसे अदाणी ग्रुप आने वाले भविष्य का आधार मानता है। कंपनी का मानना है कि विकास का असली पैमाना सिर्फ आकार नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने की क्षमता है। बता दें इस कार्यक्रम में उन प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को मंच पर लाया गया, जिन्होंने अपने-अपने तरीके से संभावनाओं को नई परिभाषा दी है और असंभव को संभव कर दिखाया है।

जीत और दिवा अदाणी ने किया संबोधित

कार्यक्रम की शुरुआत जीत और दिवा अदाणी के भाषणों से हुई। जीत अदाणी ने कहा कि ग्रीनएक्स सिर्फ एक मंच नहीं, बल्कि मानवीय उत्कृष्टता और गरिमा का उत्सव है। उन्होंने इस आयोजन के नाम ग्रीनएक्स पर अपनी बात रखते हुए कहा “ग्रीन वह है जो कभी खत्म नहीं होता, और एक्स इंसानी आत्मा की असाधारण शक्ति का प्रतीक।” उन्होंने अपने अनुभवों का ज़िक्र करते हुए बताया कि “शक्ति अस्थायी है, लेकिन चरित्र स्थायी।” उनका संदेश साफ था, हर व्यक्ति अपने भाग्य का निर्माता है।

इसके साथ ही दिवा अदाणी ने सबको साथ लेकर चलने या समावेशन की असल परिभाषा पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, ग्रीनएक्स उन लोगों को मंच देता है जिन्होंने योग्यता के दम पर अपनी जगह बनाई है, न कि सहानुभूति के आधार पर। उन्होंने कहा कि असली समावेशन वही है जहां लोग इसलिए शामिल हों क्योंकि वे इसके हकदार हैं।

अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की

कार्यक्रम के दौरान मंच पर आए खास वक्ताओं ने हॉल में मौजूद हर व्यक्ति को गहराई से प्रभावित किया। प्रसिद्ध नृत्यांगना और अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कभी व्यक्ति की पहचान तय नहीं करतीं बल्कि उसका दृढ़ संकल्प ही उसके जीवन की असली दिशा तय करता है।

इसके अलावा बोलेंट इंडस्ट्रीज के संस्थापक और दृष्टिबाधित उद्यमी श्रीकांत बोला ने अपनी बात को एक प्रभावशाली वाक्य से शुरू किया। उन्होंने कहा “अगर आप असंभव का सपना नहीं देखेंगे, तो उसे हासिल नहीं कर पाएंगे।” उनकी यह दृढ़ता इस बात का प्रतीक थी कि हर कठिनाई, सही मायने में जीवन के उद्देश्य को हासिल करने की ऊर्जा बन सकती है।

अदाणी एबिलिटी अवॉर्ड्स प्रदान किए गए

कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा रहा अदाणी एबिलिटी अवॉर्ड्स, जिसे समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने प्रदान किया। इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इन क्षेत्रों में शामिल हैं अडैप्टिव स्पोर्ट्स, सार्वजनिक सेवा, सांस्कृतिक योगदान, सामाजिक उद्यमिता और क्रिएटिव आर्ट्स। साथ ही, भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम को भी सम्मानित किया गया, जिसने अनेक बाधाओं के बावजूद अपनी मजबूत पहचान बनाई।

Surya Soni

Surya Soni

Next Story