कोर्ट के फैसले के बाद बोले अरविंद केजरीवाल, कहा- मेरे खिलाफ एक छोटा सा भी सबूत नहीं मिला

Arvind Kejriwal News: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने

Surya Soni
Updated on: 27 Feb 2026 4:30 PM IST
कोर्ट के फैसले के बाद बोले अरविंद केजरीवाल, कहा- मेरे खिलाफ एक छोटा सा भी सबूत नहीं मिला
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Arvind Kejriwal News: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। इसके अलावा इस मामले में 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया गया। हालांकि इस मामले को विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने जमकर उठाया था।

आखिरकार केजरीवाल-सिसोदिया बरी!

पिछले काफी समय से शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर शिकंजा कसा हुआ था। दोनों को इस मामले में जेल में भी जाना पड़ा। लेकिन अब आप पार्टी के प्रमुख नेताओं को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने माना कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे, जबकि सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता था। इस मामले में CBI ने कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

मेरे खिलाफ एक छोटा सा भी सबूत नहीं मिला- अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'कोर्ट ने मेरे खिलाफ केस को पूरी तरह फर्जी बताया। CBI को मेरे विरुद्ध एक भी सबूत नहीं मिला। मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई है। कोर्ट ने माना कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं। दो लोगों ने मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रची। मेरी ईमानदारी पर चोट करने के लिए झूठे केस में फंसाया गया।'

भावुक हो गए पूर्व सीएम केजरीवाल

दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक नज़र आए। केजरीवाल ने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। इन्होंने झूठा केस लगाया। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।

सीबीआई ने कहा- दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेंगे

आबकारी नीति मामले में केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी किए जाने पर सीबीआई ने कहा- जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज किया गया या पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगे।

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