Cab Strike: ओला-उबर की देशव्यापी हड़ताल, जानें क्या हैं कैब ड्राइवरों की मांगें..?
देश के बड़े शहरों में कैब कंपनियां आज लोगों की बड़ी जरुरत बन गई है। देशभर में ओला (Ola), उबर (Uber), रैपिडो (Rapido) जैसे कई बड़ी कैब कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही है।
Cab Strike: देश के बड़े शहरों में कैब कंपनियां आज लोगों की बड़ी जरुरत बन गई है। देशभर में ओला (Ola), उबर (Uber), रैपिडो (Rapido) जैसे कई बड़ी कैब कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही है। लेकिन आज अगर आप इन ऐप-आधारित कैब के जरिये कहीं यात्रा करने का प्लान बना रहे तो सावधान हो जाएं। क्योंकि शनिवार के लिए कैब ड्राइवरों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है। चलिए जानते हैं आखिर कैब ड्राइवरों की क्या हैं मांगें..?
ऑल इंडिया ब्रेकडाउन
बता दें भारत में इस समय बड़ी संख्या में कैब रोजाना चल रही है। जिनके जरिए लोग घर से अपने ऑफिस और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। लेकिन कम कमाई और शोषण के खिलाफ शनिवार देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस हड़ताल को ड्राइवरों ऑल इंडिया ब्रेकडाउन का नाम दिया है। इस हड़ताल के तहत आज ड्राइवर अपने मोबाइल एप बंद रखेंगे। इससे कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
जानें क्या हैं कैब ड्राइवरों की मांगें..?
इस हड़ताल को TGPWU (तेलंगाना गिग वर्कर्स यूनियन) और दूसरे संगठनों ने मिलकर शुरू किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साफ कहा है कि 7 फरवरी को पूरे भारत में ड्राइवर काम बंद रखेंगे। उनका कहना है कि न तो उनका कोई किराया तय है और न ही कोई नियम, बस उनका शोषण हो रहा है।
- सरकार 2025 की गाइडलाइंस के तहत न्यूनतम किराया तय करे ताकि ड्राइवरों की कमाई सुरक्षित हो.
- सफेद नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का कमर्शियल इस्तेमाल तुरंत बंद हो, क्योंकि इससे टैक्सी ड्राइवरों का काम प्रभावित हो रहा है.
यात्रियों को हो सकती है परेशानी
शनिवार को हड़ताल की वजह से आपको आने-जाने में काफी दिक्कत हो सकती है। हो सकता है कि कुछ शहरों में इसका असर कम हो और कुछ में ज्यादा, इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहली बात तो यह है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप्स पर गाड़ियां मिलना बहुत मुश्किल होगा।


