कालकाजी चुनाव पर बवाल! आतिशी के खिलाफ हाईकोर्ट का नोटिस, क्या होगी दोबारा वोटिंग?

Rajesh Singhal
Published on: 26 March 2025 7:10 PM IST
कालकाजी चुनाव पर बवाल! आतिशी के खिलाफ हाईकोर्ट का नोटिस, क्या होगी दोबारा वोटिंग?
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Delhi High Court Notice to Atishi: दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व मंत्री आतिशी के खिलाफ दायर चुनावी याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में भ्रष्ट आचरण और अवैध तरीकों का सहारा लिया। (Delhi High Court Notice to Atishi) हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग, दिल्ली पुलिस और कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भी नोटिस भेजा है और उनसे जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को तय की है।

चुनावी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश

हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग को कालकाजी विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। हालांकि, आयोग के वकील और निर्वाचन अधिकारी ने अदालत में दलील दी कि कानूनी रूप से उन्हें इस मामले में प्रतिवादी नहीं बनाया जा सकता। इस पर अदालत ने कहा कि वे अपने जवाब में इस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?

याचिकाकर्ता कमलजीत सिंह दुग्गल और आयुष राणा ने आतिशी की जीत को अवैध और भ्रष्ट तरीकों से प्रभावित बताया है। उनका दावा है कि चुनाव प्रचार के दौरान आतिशी और उनके समर्थकों ने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अनुचित तरीके अपनाए। हाईकोर्ट ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए मामले की विस्तृत जांच करने का फैसला लिया है।

वोट खरीदने का आरोप, चुनाव रद्द करने की मांग

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मतदान से ठीक एक दिन पहले, 4 फरवरी को आतिशी के करीबी सहयोगियों को 5 लाख रुपये नकद के साथ पकड़ा गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह नकदी मतदाताओं को रिश्वत देने के लिए इस्तेमाल की जानी थी। उनका आरोप है कि यह सब कुछ पूर्व मंत्री आतिशी के इशारे पर किया जा रहा था। इसके आधार पर, याचिका में आतिशी के चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि आतिशी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (1)(A) के तहत "वोट के बदले रिश्वत" दी। यदि ये आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो आतिशी का चुनाव रद्द हो सकता है और उन पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

आतिशी की मुश्किलें बढ़ीं...

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इस मामले को संज्ञान में लेने के बाद आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब सभी की नजरें 30 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। इस दिन अदालत यह तय करेगी कि चुनाव को अमान्य घोषित किया जाए या नहीं। इस मामले में कोई भी बड़ा फैसला दिल्ली की राजनीति में भूचाल ला सकता है! यह भी पढ़ें: Sambhal Violence: पीस कमेटी की बैठक में संभल CO अनुज चौधरी बोले, ‘ईद की सेवइयां खिलाने के लिए, होली की गुजिया भी खानी होगी!’ क्या बलिया बनेगा भारत का नया कच्चा तेल स्रोत? ONGC की खुदाई से जागी उम्मीदें!
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