फिर लौटा कोविड का कहर! 4 नए वैरिएंट, 11 मौतें, एक राज्य बना हॉटस्पॉट, मचा हड़कंप

Rajesh Singhal
Published on: 28 May 2025 1:04 PM IST
फिर लौटा कोविड का कहर! 4 नए वैरिएंट, 11 मौतें, एक राज्य बना हॉटस्पॉट, मचा हड़कंप
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Covid-19 Cases in India: भारत में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। डराने वाली बात तो ये है कि, भारत में कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट मिले हैं, इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। वहीं, अब देशभर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 1010 से बढ़कर 1072 हो गई है। केरल में 430 सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104 और गुजरात में 83 केस हैं। कर्नाटक के 80 केसों में से सिर्फ 73 बेंगलुरु में हैं। वहीं 11 लोगों की मौत हुई है।(
Covid-19 Cases in India
) हैरानी की बात तो ये है कि, कोरोना के चलते एक हफ्ते के भीतर ही 9 लोगों की जान जा चुकी है। जिसमें से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

अब तक 11 लोगों की मौत

केरल में दो लोगों की कोरोना से मौत हुई है। जयपुर में सोमवार को कोरोना से 2 लोगों की मौत हुई। महाराष्ट्र के ठाणे में एक कोरोना पॉजिटिव महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, ठाणे में ही 25 मई को अस्पताल में इलाज करा रहे 21 साल के युवक की मौत हुई। इससे पहले 17 मई को कर्नाटक के बेंगलुरु में 84 साल के बुजुर्ग की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि बुजुर्ग की मौत मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुई थी। हालांकि, 24 मई को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

जानिए कौन सा वैरिएंट सबसे ज्यादा फैला?

भारत में इस समय JN.1 सबसे आम वैरिएंट बन चुका है,टेस्टिंग में आधे से ज्यादा केसों में यही वैरिएंट पाया गया है,इसके बाद BA.2 (करीब 26%) और ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स (20%) के मामले सामने आ रहे हैं।

JN.1 वैरिएंट कितना खतरनाक?

JN.1 वैरिएंट दरअसल ओमिक्रॉन के BA.2.86 का एक स्ट्रेन है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था। इसमें करीब 30 म्यूटेशन होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर सकते हैं। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार, यह वैरिएंट तेजी से फैलता है, लेकिन इससे बहुत गंभीर बीमारी होने की आशंका कम है।

लंबे समय तक रह सकते हैं लक्षण

कुछ मामलों में JN.1 वैरिएंट के लक्षण कई हफ्तों तक बने रहते हैं। अगर किसी को लंबे समय तक खांसी, थकान या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो यह ‘लॉन्ग कोविड’ का संकेत हो सकता है। यह भी पढ़ें: जस्टिस वर्मा के खिलाफ़ सरकार ला सकती है महाभियोग प्रस्ताव, जानिए सुप्रीम कोर्ट की जांच समिति में क्या खुलासे हुए? दुश्मनों की खैर नहीं! कावेरी इंजन से तेजस होगा आकाश छूने को तैयार, चीन-पाक रह जाएंगे दंग
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