Chaitra Navratri 2024 8th Day: महाष्ठमी पर होती है महागौरी की पूजा, इस विधि से करें पूजा तो होंगी मनोकामनाएं पूरी

Preeti Mishra
Published on: 16 April 2024 6:00 AM IST
Chaitra Navratri 2024 8th Day: महाष्ठमी पर होती है महागौरी की पूजा, इस विधि से करें पूजा तो होंगी मनोकामनाएं पूरी
X
Chaitra Navratri 2024 8th Day: लखनऊ। चैत्र दुर्गा अष्टमी, जिसे महाअष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, का नवरात्रि के नौ दिनों (Chaitra Navratri 2024 8th Day) में एक विशेष स्थान हैं। देवी दुर्गा का सम्मान करने और उनसे आशीर्वाद लेने के लिए महाष्टमी को विस्तृत अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है। हिन्दु पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी शैलपुत्री सोलह वर्ष की आयु में अत्यन्त रूपवती थीं तथा उनका वर्ण अत्यधिक श्वेत एवं धवल था। उनके अत्यधिक गोरी होने के कारण उन्हें देवी महागौरी के नाम से जाना जाने लगा। इस वर्ष चैत्र दुर्गा अष्टमी 2024 मंगलवार, 16 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी।
Chaitra Navratri 2024 8th Dayकैसा है माँ महागौरी का रूप
माँ महागौरी देवी दुर्गा का आठवां (Chaitra Navratri 2024 8th Day) रूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि उत्सव के आठवें दिन की जाती है। अपने अत्यंत गोरे और दीप्तिमान रंग के लिए जानी जाने वाली, यह देवी पवित्रता और शांति का प्रतीक है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की, जिसके दौरान उनका रंग काला हो गया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर, भगवान शिव ने उन्हें गंगा के पानी से स्नान कराया, जिससे उनका रंग फिर से गोरा हो गया। उन्हें एक सफेद बैल पर सवार, सफेद कपड़े पहने और एक त्रिशूल और एक डमरू पकड़े हुए दिखाया गया है। भक्त पापों की क्षमा और आत्मा की शुद्धि के लिए महागौरी की पूजा करते हैं। देवी महागौरी एवं देवी शैलपुत्री दोनों का वाहन बैल है तथा इसी कारण से उन्हें वृषारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है।
महाष्टमी शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 15 अप्रैल 2024 को 12:11 बजे शुरू होगी और 16 अप्रैल 2024 को 13:23 बजे समाप्त होगी। भक्त पूरे देश में इस दिन को बड़ी भक्ति और उत्साह के साथ मनाते हैं, देवी दुर्गा का सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद मांगते हैं। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2024 8th Day) फसल के मौसम के साथ मेल खाती है। किसान आने वाले कृषि वर्ष में भरपूर फसल और समृद्धि के लिए देवी से प्रार्थना करते हैं।
Chaitra Navratri 2024 8th Dayलोग करते हैं इस दिन कुमारी पूजा
कुंवारी पूजा, जिसे कन्या पूजा के रूप में भी जाना जाता है, चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2024 8th Day) उत्सव का एक अभिन्न अंग है, जो आमतौर पर आठवें या नौवें दिन आयोजित किया जाता है। इस अनुष्ठान में युवा लड़कियों की पूजा शामिल है, जिन्हें दिव्य स्त्री ऊर्जा की अभिव्यक्ति के रूप में माना जाता है। देवी दुर्गा के नौ रूपों की प्रतीक नौ लड़कियों को घरों में आमंत्रित किया जाता है। विधिपूर्वक उनके पैर धोये जाते हैं, सजाया जाता है और नए कपड़े, उपहार और हलवा, पूरी और चना सहित शानदार भोजन देकर उनकी पूजा की जाती है।
महागौरी का पूजा मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्त्रोत, कवच, आरती
मन्त्र- ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ प्रार्थना- श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥ स्तुति- या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ध्यान- वन्दे वाञ्छित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्। सिंहारूढा चतुर्भुजा महागौरी यशस्विनीम्॥ पूर्णन्दु निभाम् गौरी सोमचक्रस्थिताम् अष्टमम् महागौरी त्रिनेत्राम्। वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥ पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम्। मञ्जीर, हार, केयूर, किङ्किणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥ प्रफुल्ल वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोलाम् त्रैलोक्य मोहनम्। कमनीयां लावण्यां मृणालां चन्दन गन्धलिप्ताम्॥
Chaitra Navratri 2024 8th Dayस्तोत्र
सर्वसङ्कट हन्त्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्। ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥ सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदायनीम्। डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाम्यहम्॥ त्रैलोक्यमङ्गल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्। वददम् चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥ कवच ॐकारः पातु शीर्षो माँ, हीं बीजम् माँ, हृदयो। क्लीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो॥ ललाटम् कर्णो हुं बीजम् पातु महागौरी माँ नेत्रम् घ्राणो। कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा माँ सर्ववदनो॥
आरती
जय महागौरी जगत की माया। जय उमा भवानी जय महामाया॥ हरिद्वार कनखल के पासा। महागौरी तेरा वहा निवासा॥ चन्द्रकली और ममता अम्बे। जय शक्ति जय जय माँ जगदम्बे॥ भीमा देवी विमला माता। कौशिक देवी जग विख्यता॥ हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥ सती (सत) हवन कुण्ड में था जलाया। उसी धुयें ने रूप काली बनाया॥ बना धर्म सिंह जो सवारी में आया। तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥ तभी माँ ने महागौरी नाम पाया। शरण आने वाले का संकट मिटाया॥ शनिवार को तेरी पूजा जो करता। माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥ भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो। महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥ यह भी पढ़ें:  Amarnath Yatra 2024: आज से अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू, इस दिन से आरम्भ होगी यात्रा, जानें पूरी प्रक्रिया
Preeti Mishra

Preeti Mishra

Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

Next Story