बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा का ऐलान, ‘तालकटोरा का नाम बदलकर रखेंगे वाल्मीकि स्टेडियम’
बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने की घोषणा है कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनती है, तो तालकटोरा स्टेडियम का नाम बदलकर वाल्मीकि स्टेडियम रखा जाएगा।
अगर दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनती है, तो तालकटोरा स्टेडियम का नाम बदलकर भगवान वाल्मीकि के नाम पर वाल्मीकि स्टेडियम रखा जाएगा। यह घोषणा नई दिल्ली विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने की है।
ताल कटोरा स्टेडियम का बदल देंगे नाम
प्रवेश वर्मा ने सोमवार, 3 फरवरी को घोषणा करते हुए कहा, "मैं आज एक महत्वपूर्ण घोषणा करना चाहता हूं। हमारे क्षेत्र में तालकटोरा स्टेडियम है, जिसका नाम इसके पुराने कटोरे जैसे आकार के कारण रखा गया था। लेकिन 8 फरवरी को जब हमारी सरकार बनेगी, तो एनडीएमसी की पहली बैठक में हम इस स्टेडियम का नाम बदलकर 'भगवान वाल्मीकि स्टेडियम' रखेंगे।"#WATCH | Delhi | BJP candidate from the New Delhi Assembly constituency, Parvesh Verma, says, "...In the first NDMC council meeting after February 8, we will rename the Talkatora stadium as Bhagwan Maharshi Valmiki stadium." pic.twitter.com/N7roaQHD5x
— ANI (@ANI) February 3, 2025
वाल्मीकि समुदाय से पहली बार आया कोई व्यक्ति आया
दिल्ली चुनाव से पहले प्रवेश वर्मा ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा, "मैं अनिल वाल्मीकि के साथ हूं। पहली बार वाल्मीकि समुदाय का कोई व्यक्ति NDMC का सदस्य बना है।"नई दिल्ली सीट पर 20,000 वाल्मीकि मतदाता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में करीब 20,000 वाल्मीकि मतदाता हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बार दिल्ली में वाल्मीकि समुदाय के वोट बड़ी संख्या में बीजेपी को मिल सकते हैं। आमतौर पर दलित वोटर्स में जाटव समुदाय के वोट बीएसपी और कांग्रेस को जाते रहे हैं, लेकिन इस बार कुछ जाटव मतदाता कांग्रेस की तरफ भी झुक सकते हैं।मुगल स्विमिंग पूल की तरह करते थे इस्तेमाल
नई दिल्ली विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम का नाम मुगलों ने रखा था और वे इसे अपने स्विमिंग पूल की तरह इस्तेमाल करते थे। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समुदाय के लोग चाहते हैं कि इस जगह का नाम महर्षि वाल्मीकि के सम्मान में रखा जाए। इसलिए उन्होंने वादा किया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद पहली एनडीएमसी बैठक में वे इसका प्रस्ताव रखेंगे और पास करवाएंगे। अगर प्रस्ताव पास हो जाता है, तो एक महीने के अंदर इस स्टेडियम का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि स्टेडियम कर दिया जाएगा।यह भी पढ़े:
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