भाजपा विधायक ने वाराणसी की धरहरा मस्जिद में लगाई झाड़ू, लगाए ‘मोदी-योगी जिंदाबाद’ के नारे

Sunil Sharma
Published on: 9 April 2025 10:54 AM IST
भाजपा विधायक ने वाराणसी की धरहरा मस्जिद में लगाई झाड़ू, लगाए ‘मोदी-योगी जिंदाबाद’ के नारे
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वाराणसी के दक्षिण क्षेत्र से बीजेपी विधायक नीलकंठ तिवारी ने एक अनोखी पहल की शुरुआत करते हुए धरहरा मस्जिद में झाड़ू लगाकर सफाई अभियान चलाया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी-योगी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। माना जा रहा है कि भाजपा विधायक की इस पहले के पीछे कई राजनीतिक उद्देश्य छिपे हो सकते हैं।

विधायक के साथ मौजूद थे मस्जिद के लोग और पुलिस अधिकारी

हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अपने-अपने क्षेत्र में सफाई कार्य कर रहे हैं। इस दौरान, विधायक के साथ मस्जिद के मुअज्जिन अली भी मौजूद थे। उन्होंने बतााया कि यह पहला अवसर था, जब किसी विधायक ने मस्जिद में सफाई की है। विधायक के साथ ही मस्जिद में एक पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे, जो इस अभियान की देखरेख कर रहे थे।

बिंदुमाधव मंदिर को तोड़कर औरंगजेब ने बनवाई थी धरहरा मस्जिद

धरहरा मस्जिद, जिसे आलमगीर मस्जिद भी कहा जाता है, 1669 में औरंगजेब के शासनकाल में बनी थी। कहा जाता है कि इस मस्जिद का निर्माण बिंदुमाधव मंदिर को तोड़कर किया गया था, जो अब विवाद का विषय बन चुका है। यह स्थल दशकों से विवादों में रहा है, और इस मामले से जुड़े दो केस अभी भी कोर्ट में चल रहे हैं। फिलहाल, इस मस्जिद की देखरेख पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर रहा है।

मस्जिद की मीनारों से नजर आती थी दिल्ली की कुतुब मीनार

इतिहासकारों के मुताबिक, इस मस्जिद की दो मीनारें कभी बहुत ऊंची थीं, और वहां से दिल्ली की कुतुब मीनार भी नजर आती थी। लेकिन सौ साल पहले ये मीनारें जर्जर हो गईं, जिसके कारण उन्हें गिरा दिया गया। मस्जिद के पास स्थित पंचगंगा घाट पर आज भी बिंदुमाधव मंदिर मौजूद है, जो अपनी ऐतिहासिक महत्ता को बरकरार रखे हुए है।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर जितना भव्य था बिंदुमाधव मंदिर

इतिहासकारों का कहना है कि 1669 में औरंगजेब के आदेश पर बिंदुमाधव मंदिर को तोड़ दिया गया था, साथ ही विश्वनाथ मंदिर का भी विध्वंस किया गया। फ्रांसीसी यात्री जीन बैप्टिस्ट टैवर्नियर ने अपनी यात्रा के दौरान बिंदुमाधव मंदिर का जिक्र करते हुए इसे पुरी के जगन्नाथ मंदिर के समान भव्य बताया था। उनका कहना था कि यह मंदिर स्वास्तिक के आकार का था, और इसके चारों हिस्से एक जैसे थे। मंदिर के भीतर सोने की रंगी मूर्तियां भी थीं, जो उस समय की भव्यता का प्रतीक थीं।

निकाले जा रहे हैं राजनीतिक मायने

विधायक नीलकंठ तिवारी द्वारा धरहरा मस्जिद में सफाई करने का कदम सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं था, बल्कि यह एक सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक समरसता की दिशा में उठाया गया कदम प्रतीत होता है। यह घटना राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिखाता है कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के माध्यम से धर्म और समुदाय के बीच एकता बढ़ाने के प्रयास कर रही है। हालांकि, इस कदम को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है, और इसके विभिन्न राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
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