बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, मंदिर पवित्रता विवाद पर ज्ञान देव आहूजा को पार्टी से निकाला, जानिए इसके पीछे की वजह

Rajesh Singhal
Published on: 28 April 2025 11:02 AM IST
बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, मंदिर पवित्रता विवाद पर ज्ञान देव आहूजा को पार्टी से निकाला, जानिए इसके पीछे की वजह
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BJP Disciplinary Action : राम मंदिर में गंगाजल के छिड़काव और दलित विरोधी बयान को लेकर बीजेपी के पूर्व विधायक ज्ञान देव आहूजा पर बड़ा एक्शन हुआ हैं। इसको लेकर बीजेपी के चीफ मदन राठौड़ ने आदेश जारी कर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाल दिया हैं। बीते दिनों उन्होंने अलवर के राम मंदिर में गंगाजल छिड़काव और कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ बयान दिया था। (BJP Disciplinary Action) उनके इस बयान को सियासी गलियारों में दलित विरोधी होने से जोड़ा गया, जिसको लेकर सियासत में काफी बवाल मचा था। इधर, बीजेपी ने दलित समाज में अपनी नकारात्मक छवि बनने के डर आहूजा पर यह बड़ा एक्शन लिया है।

प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कड़ी...

पार्टी के एक आदेश में कहा गया है कि भाजपा की अनुशासन समिति द्वारा जांच के बाद आहूजा के खिलाफ कार्रवाई की गई है। भाजपा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप सही पाए गए। प्रदेश अनुशासन समिति ने गहन जांच के बाद रिपोर्ट सौंपते हुए उनके कृत्यों को पार्टी के अनुशासन के खिलाफ बताया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया।

नोटिस देकर आहूजा को किया था सस्पेंड

पूर्व विधायक ज्ञान देव आहूजा के गंगाजल से शुद्धिकरण और दलित विरोधी बयान के बाद बीजेपी के चीफ मदन राठौड़ ने भी गहरी नाराजगी जताई थी। इसको लेकर उन्होंने आहूजा को नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा। साथ ही राठौड़ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता से भी निलंबित कर दिया। इधर, आहूजा ने पार्टी को जवाब तो दिया, लेकिन उन्होंने इस घटना पर माफी नहीं मांगी। इस बीच बीजेपी की ओर से गठित अनुशासन समिति ने इस मामले की जांच की, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आहूजा पर पार्टी से बाहर निकालने की बड़ी कार्रवाई की गई हैं।
BJP Disciplinary Action

क्या था पूरा मामला?

6 अप्रैल को अलवर के एक श्रीराम मंदिर में रामनवमी के अवसर पर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें कांग्रेस नेता और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूजा-अर्चना की थी। इसके बाद ज्ञानदेव आहूजा ने आपत्ति जताते हुए मंदिर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा था कि “मंदिर में अपवित्र लोग आ गए थे,” जिस पर भारी विवाद हुआ। कांग्रेस ने इस पर भाजपा को घेरा, जिसके बाद आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी कर निलंबित कर दिया गया था।

जानिए कौन हैं.. आहूजा, जिनका रहा विवादों...

ज्ञानदेव आहूजा बीजेपी के नेता और पूर्व विधायक है। आहूजा वसुंधरा राजे सरकार में 2013 से 2018 तक अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा के विधायक रहे थे। आहूजा को बीजेपी का फायर ब्रांड नेता माना जाता हैं। आहूजा सिंधी समाज से ताल्लुक रखते हैं, जो लगातार अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। इससे पहले भी 24 दिसंबर 2017 को आहूजा उस समय विवादों में आ गए, जब उन्होंने कहा कि गायों की तस्करी और वध करने वाले लोगों को मार दिया जाएगा। उन्होंने पिछले साल वायनाड मेें आएं भूस्खलन को गौ हत्या से जोड़ते हुए कहा कि जहां गौहत्या होगी, वहां इस तरह की घटना तो होगी।
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