चिकन खाना हो सकता है खतरनाक, जानें Bird Flu के लक्षण और इलाज
बर्ड फ्लू का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों या जानवरों से होता है। हालांकि इंसानों में इस वायरस का ट्रांसमिशन बहुत कम होता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति संक्रमित जानवर या पक्षी के संपर्क में आता है, तो उसे संक्रमण का खतरा होता है।
Bird Flu Symptoms in Hindi: हाल ही में आंध्र प्रदेश में एक दुखद घटना में एक 2 साल की बच्ची ने बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के बाद अपनी जान गंवा दी। यह देश में इस वायरस से होने वाली मौतों का दूसरा मामला है। इससे पहले 2021 में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इस बच्ची के मामले में बताया गया कि उसने कच्चा चिकन खाया था, जिसके कारण वह बर्ड फ्लू का शिकार हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्ची को पहले हल्का बुखार आया था, और फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के बावजूद बच्ची की मृत्यु हो गई। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि मृत्यु का कारण बर्ड फ्लू था। इस घटना ने एक बार फिर चिकन खाने से संबंधित सवाल उठाए हैं। आइए, जानते हैं कि बर्ड फ्लू वास्तव में क्या है और चिकन खाने से इसका खतरा कैसे हो सकता है।
डॉ. एनआर रावत, जो राजस्थान के पशु विज्ञान विभाग में कार्यरत हैं, बताते हैं कि बर्ड फ्लू का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों या जानवरों से होता है। हालांकि इंसानों में इस वायरस का ट्रांसमिशन बहुत कम होता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति संक्रमित जानवर या पक्षी के संपर्क में आता है, तो उसे संक्रमण का खतरा होता है।
क्या है बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है, एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से पक्षियों, विशेषकर मुर्गियों में पाया जाता है। यह वायरस इंसानों और अन्य जानवरों में भी फैल सकता है। हाल के वर्षों में गायों, बिल्लियों और अन्य जानवरों में भी बर्ड फ्लू के मामलों में वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण वायरस में हो रहे बदलाव हैं, जिससे यह वायरस अब इंसानों तक भी पहुंच रहा है।
डॉ. एनआर रावत, जो राजस्थान के पशु विज्ञान विभाग में कार्यरत हैं, बताते हैं कि बर्ड फ्लू का संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों या जानवरों से होता है। हालांकि इंसानों में इस वायरस का ट्रांसमिशन बहुत कम होता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति संक्रमित जानवर या पक्षी के संपर्क में आता है, तो उसे संक्रमण का खतरा होता है। क्या चिकन खाने से बर्ड फ्लू हो सकता है?
डॉ. रावत के अनुसार, यदि चिकन को ठीक से पकाया जाए, तो बर्ड फ्लू का खतरा बहुत कम होता है। यह समस्या तब उत्पन्न होती है, जब चिकन को ठीक से नहीं पकाया जाता या जब उसमें वायरस मौजूद होता है। यदि चिकन पूरी तरह से पका हुआ हो, तो वायरस का फैलाव संभव नहीं होता। फिर भी, अगर कोई व्यक्ति उस क्षेत्र में रहता है, जहां बर्ड फ्लू का प्रकोप है, तो उसे कुछ समय के लिए चिकन खाने से बचना चाहिए।क्या हैं बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू से संक्रमित होने पर निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं:- बुखार
- खांसी
- सांस लेने में कठिनाई
- पेट में दर्द
- सिरदर्द और कमजोरी
ये हैं बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
- चिकन को ठीक से पकाएं: हमेशा चिकन को अच्छी तरह से पकाएं ताकि वायरस का खतरा खत्म हो जाए।
- चिकन को साफ रखें: चिकन को अच्छी तरह से धोकर और साफ रखें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
- संक्रमित जानवरों और पक्षियों से दूर रहें: किसी भी संक्रमित पक्षी या जानवर के संपर्क से बचें।
- हाथ धोकर खाना खाएं: खाना खाने से पहले हमेशा अच्छे से हाथ धोएं, ताकि किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।
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