बांग्लादेश में इजराइल के खिलाफ उबाल! 5 लाख लोग सड़कों पर, पासपोर्ट में जोड़नी पड़ी ये लाइन

ढाका में गाजा के समर्थन में करीब 5 लाख लोगों ने इजराइल के खिलाफ रैली निकाली, पासपोर्ट में भी बदलाव का आदेश दिया गया।

Vyom Tiwari
Published on: 14 April 2025 11:47 AM IST
बांग्लादेश में इजराइल के खिलाफ उबाल! 5 लाख लोग सड़कों पर, पासपोर्ट में जोड़नी पड़ी ये लाइन
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शनिवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में इजराइल के खिलाफ एक बड़ी रैली हुई। इस रैली में करीब 5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। गाजा में हो रही हिंसा और लोगों की मौत के विरोध में यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया जा रहा है। सरकारी न्यूज़ एजेंसी BSS के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने पासपोर्ट और इमिग्रेशन विभाग को एक नया निर्देश दिया है। मंत्रालय चाहता है कि विदेश जाने वालों के पासपोर्ट में फिर से ये लाइन जोड़ी जाए: "यह पासपोर्ट इजराइल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए वैध है।" बता दें कि बांग्लादेश और इजराइल के बीच पहले से ही कोई आधिकारिक रिश्ते नहीं हैं। फिर भी, देश में इजराइल के खिलाफ बढ़ते गुस्से को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।

2021 में पासपोर्ट से हटा दी गई थी लाइन

साल 2021 में, जब शेख हसीना प्रधानमंत्री थीं और अवामी लीग की सरकार सत्ता में थी, तब बांग्लादेशी पासपोर्ट से एक खास वाक्य हटाया गया था — "इज़राइल को छोड़कर सभी देश" उस वक्त अधिकारियों ने बताया था कि ये बदलाव अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

गाजा समर्थन में लाखों लोग सड़क पर उतरे 

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने ये फैसला ऐसे वक्त में लिया, जब राजधानी ढाका की सड़कों पर हजारों लोग इकट्ठा होकर गाजा में इजराइल की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। लोग फिलिस्तीन के समर्थन में हाथों में झंडे लिए हुए थे और ‘फ्री, फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगा रहे थे। सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन ढाका विश्वविद्यालय के पास हुआ, जहां भारी भीड़ जमा हुई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरों पर गुस्सा निकाला और जोरदार नारेबाजी की।

खालिदा जिया की पार्टी का मिलरहा रहा समर्थन

इस प्रदर्शन को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने समर्थन दिया। साथ ही, कुछ दक्षिणपंथी इस्लामी संगठनों और पार्टियों ने भी इसका साथ देते हुए अपनी एकजुटता जताई।

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